
भागलपुर | 28 फरवरी, 2026: बिहार पुलिस में कर्तव्यनिष्ठा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले जवानों और अफसरों के लिए शुक्रवार का दिन सम्मान भरा रहा। भागलपुर रेंज के आईजी विवेक कुमार ने क्षेत्र के 27 पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान बिहार पुलिस मुख्यालय और अपराध अनुसंधान विभाग (CID) के निर्देश पर दिया गया है।
क्यों मिला सम्मान? अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
आईजी विवेक कुमार ने पुरस्कार वितरण के दौरान स्पष्ट किया कि बेहतर काम करने वालों की पहचान उनके ‘काम’ से ही होती है। इन पुलिसकर्मियों को मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्यों के लिए चुना गया:
- अवैध खनन: रेत और पत्थर के अवैध उत्खनन के खिलाफ सफल छापेमारी।
- शराबबंदी: शराब तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और आरोपियों की गिरफ्तारी।
- कांडों का उद्भेदन: गंभीर आपराधिक मामलों की सफल तफ्तीश और खुलासे के लिए।
किसे मिला कितना इनाम? (प्रमुख नाम और राशि)
सम्मान पाने वालों में भागलपुर, बांका और नवगछिया के जांबाज शामिल हैं। नकद राशि ₹5,000 से लेकर ₹7,500 तक निर्धारित की गई है:
जिला | पुलिस अधिकारी/कर्मी का नाम | पुरस्कार राशि (₹) |
|---|---|---|
भागलपुर | राजेश कुमार और रंजीत कुमार | 7,500 |
भागलपुर | विकास कुमार और दिनेश कुमार सिंह | 6,000 |
भागलपुर | विनय कुमार सिंह | 5,000 |
बांका | राज रतन | 7,500 |
बांका | सुधीर कुमार और चंद्रदीप | 6,000 |
बांका | दीपक पासवान, राजू कुमार ठाकुर, मंटू कुमार, अमन कुमार, सुनील कुमार सिंह, कमलेश साहनी, प्रशांत कुमार और विमलेश कुमार | 5,000 |
नवगछिया | राजेश कुमार | 7,500 |
नवगछिया | देबक पासवान और निलेश कुमार शर्मा | 6,000 |
नवगछिया | एसआई विनय सिंह और ओम प्रकाश | 5,000 |
मौके पर मौजूद रहे आला अधिकारी
सम्मान समारोह के दौरान पुलिस महकमे के कई दिग्गज अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने जवानों का हौसला बढ़ाया:
- प्रमोद कुमार यादव (एसएसपी, भागलपुर)
- प्रेरणा कुमार (एसपी, नवगछिया)
- शैलेंद्र सिंह (सिटी एसपी, भागलपुर)
VOB का नजरिया: मनोबल बढ़ाने वाली पहल
पुलिस की छवि अक्सर सख्त और अनुशासन प्रिय होती है, लेकिन आईजी विवेक कुमार की यह पहल बताती है कि ‘खाकी’ के भीतर भी मानवीय संवेदनाओं और मेहनत को पहचान मिलती है। ₹5,000 या ₹7,500 की राशि केवल एक अंक नहीं है, बल्कि यह विभाग का अपने जवानों के प्रति ‘भरोसा’ है। जब सिपाही से लेकर एसआई स्तर के अधिकारियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया जाता है, तो इससे पूरी फोर्स का मनोबल बढ़ता है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


