
मोतिहारी | बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड के मंगलापुर गांव में 35 वर्षों से चले आ रहे जमीन विवाद का आखिरकार समाधान हो गया। न्यायालय के आदेश के बाद 103 वर्षीय हबीबन खातून को उनकी जमीन का विधिवत कब्जा दिलाया गया।
1994 से चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार, करीब 1 कट्ठा 4 धुर जमीन को लेकर हबीबन खातून और दूसरे पक्ष के बीच वर्ष 1994 से कानूनी विवाद चल रहा था। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने हबीबन खातून के पक्ष में फैसला सुनाया और प्रशासन को आदेश का पालन कराने का निर्देश दिया।
प्रशासन की मौजूदगी में हुई दखल-दहानी
अदालत के आदेश के बाद राजस्व विभाग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम गांव पहुंची। कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए संबंधित भूमि पर दखल-दहानी कराकर कब्जा हबीबन खातून को सौंप दिया गया।
कार्रवाई की जानकारी गांव में डुगडुगी बजवाकर भी दी गई।
300 पुलिसकर्मियों की रही तैनाती
जमीन विवाद की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई।
- करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात रहे।
- मजिस्ट्रेट, राजस्व विभाग के अधिकारी और कल्याणपुर थाना पुलिस पूरी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे।
- प्रशासन की निगरानी में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
परिवार ने जताया आभार
जमीन का कब्जा मिलने के बाद हबीबन खातून के परिजनों ने न्यायालय और प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि 35 वर्षों के संघर्ष के बाद परिवार को उसका अधिकार मिला है, जो न्यायिक प्रक्रिया पर विश्वास का परिणाम है।
थाना प्रभारी ने क्या कहा?
कल्याणपुर थाना प्रभारी विनीत कुमार ने कहा:
“न्यायालय के आदेश का पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी थी। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद संबंधित भूमि पर दखल-दहानी कराई गई। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण रही और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।”
यह मामला केवल एक जमीन विवाद का समाधान नहीं, बल्कि लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद न्याय मिलने की मिसाल के रूप में भी देखा जा रहा है।


