CM सम्राट चौधरी से RJD सांसद अभय कुशवाहा की मुलाकात से बढ़ीं सियासी अटकलें, बिहार में नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा तेज

पटना: बिहार की राजनीति में एक तस्वीर ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। औरंगाबाद से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लोकसभा सांसद अभय कुशवाहा की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री आवास पर दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद विपक्षी खेमे में भी हलचल तेज हो गई है।

हालांकि, अब तक न तो अभय कुशवाहा और न ही किसी राजनीतिक दल की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। ऐसे में फिलहाल यह मुलाकात राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों का विषय बनी हुई है।

क्यों चर्चा में है यह मुलाकात?

अभय कुशवाहा का राजनीतिक सफर कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। लंबे समय तक जनता दल (यूनाइटेड) से जुड़े रहने के बाद उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जेडीयू छोड़कर आरजेडी का दामन थाम लिया था। इसके बाद आरजेडी ने उन्हें औरंगाबाद से उम्मीदवार बनाया और वे सांसद निर्वाचित हुए।

ऐसे में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनकी मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह केवल शिष्टाचार भेंट थी या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संकेत छिपा है।

पहले भी बदल चुके हैं राजनीतिक दल

अभय कुशवाहा ने 2015 में गया जिले की टिकारी विधानसभा सीट से जेडीयू के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया था। वर्ष 2018 में उन्हें जेडीयू युवा प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष भी बनाया गया।

2020 के विधानसभा चुनाव में वे बेलागंज सीट से चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने आरजेडी का दामन थाम लिया और सांसद बने।

राजनीति में आने से पहले वे गया जिले के कुजापी गांव के मुखिया रह चुके हैं। इसके अलावा वे बिहार के प्रमुख प्लाई और ईंट कारोबारियों में भी गिने जाते हैं।

क्या बिहार में भी बदल सकते हैं राजनीतिक समीकरण?

हाल के दिनों में दिल्ली की राजनीति में दल-बदल और नेताओं की नई राजनीतिक संभावनाओं को लेकर कई चर्चाएं सामने आई थीं। इसी पृष्ठभूमि में अभय कुशवाहा की मुख्यमंत्री से मुलाकात को भी जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई ठोस संकेत सामने नहीं आया है जिससे यह कहा जा सके कि बिहार में किसी बड़े राजनीतिक बदलाव या दल-बदल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केवल एक मुलाकात के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

RJD की ओर से नहीं आई कोई प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अभय कुशवाहा की मुलाकात पर राष्ट्रीय जनता दल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी नेतृत्व पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में अभय कुशवाहा की ओर से कोई नया बयान आता है या उनकी राजनीतिक गतिविधियों में बदलाव दिखाई देता है, तभी इस मुलाकात के वास्तविक मायने स्पष्ट हो पाएंगे।

बिहार में RJD की संसदीय स्थिति

फिलहाल बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर कुल सात सांसद हैं। लोकसभा में पार्टी का प्रतिनिधित्व मीसा भारती (पाटलिपुत्र), अभय कुशवाहा (औरंगाबाद), सुधाकर सिंह (बक्सर) और सुरेंद्र प्रसाद यादव (जहानाबाद) कर रहे हैं। वहीं राज्यसभा में मनोज झा, संजय यादव और डॉ. फैयाज अहमद पार्टी के सांसद हैं।

ऐसे में यदि भविष्य में किसी सांसद के राजनीतिक रुख में कोई बदलाव होता है तो उसका असर राज्य की राजनीति पर पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल अभय कुशवाहा और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मुलाकात को लेकर केवल राजनीतिक चर्चाएं हैं। किसी भी दल या नेता की ओर से दल-बदल या नए राजनीतिक समीकरण को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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