पटना : राजधानी पटना के लिए एक और बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना शुरू होने जा रही है। दीघा से शेरपुर होते हुए कोईलवर तक जाने वाले जेपी गंगा पथ फेज-2 के निर्माण कार्य की शुरुआत दिसंबर 2025 से होगी। यह महत्वपूर्ण परियोजना गंगा के किनारे विकसित हो रहे रोड नेटवर्क को नई दिशा देगी और पटना से पश्चिमी बिहार तथा उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को अत्याधुनिक बनाएगी।
35.65 किमी लंबा कॉरिडोर, लागत 5500 करोड़ रुपये
जेपी गंगा पथ फेज-2 की कुल लंबाई 35.65 किलोमीटर होगी, जिसकी लागत 5500 करोड़ रुपये आंकी गई है।
लागत का बंटवारा इस तरह होगा—
- केंद्रीय एजेंसी : 60% (3300 करोड़ रुपये)
- राज्य सरकार : 40% (2200 करोड़ रुपये)
इसमें लगभग 18 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड रोड के रूप में बनाया जाएगा, जिससे ट्रैफिक पर कम असर पड़ेगा और नदी किनारे के क्षेत्रों में सुगम आवागमन संभव होगा।
हम (HAM) मॉडल पर निर्माण, चार साल में होगा पूरा
बिहार राज्य पथ विकास निगम (BDCD) के अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना का निर्माण हाइब्रिड ए뉴टी मॉडल (HAM) के तहत होगा।
इस मॉडल के तहत—
- गुणवत्ता और समय सीमा पर अधिक नियंत्रण
- नियमित निगरानी
- और निर्माण एजेंसी की दीर्घकालिक जिम्मेदारी सुनिश्चित रहेगी
निर्माण एजेंसी को तत्काल सामग्री स्थल पर पहुँचाने और दिसंबर से तेजी से काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे प्रोजेक्ट को चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना पूरी होने के बाद सरकार एजेंसी को उसके निवेश का 60% हिस्सा अगले 15 वर्षों में ब्याज सहित वापस करेगी। वहीं सड़क के रखरखाव की राशि अलग से तय की जाएगी।
पांच बड़े गंगा पुलों से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
जेपी गंगा पथ फेज-2 का सबसे बड़ा लाभ इसकी बेहतर इंटर-स्टेट और इंटर-डिस्ट्रिक्ट कनेक्टिविटी है। इस मार्ग को पांच प्रमुख गंगा पुलों से जोड़ा जाएगा—
- दीघा सेतु
- शेरपुर-दिघवारा सेतु
- वीर कुंवर सिंह गंगा पुल
- जनेश्वर मिश्र गंगा पुल
- बक्सर–गाजीपुर गंगा पुल
इसके अतिरिक्त, यह सड़क सोन नदी के कोईलवर पुल से भी सीधे जुड़कर यात्रा को और सुगम बनाएगी। दानापुर और शाहपुर क्षेत्र के लिए विशेष अप्रोच सड़कें बनाई जाएँगी, जिससे स्थानीय लोगों को लाभ होगा।
बक्सर तक तेज यात्रा, यूपी–दिल्ली कनेक्टिविटी में सुधार
नए जेपी गंगा पथ से पटना से बक्सर का सफर बेहद आसान हो जाएगा और लोग 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से यात्रा कर सकेंगे। नई सड़क पूरी होने के बाद—
- बक्सर से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से दिल्ली तक का सफर काफी कम समय में पूरा होगा
- यूपी के बलिया, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, देवरिया, गोरखपुर जैसे शहरों तक पहुँचने में बड़ा सुधार होगा
- बिहार–यूपी के बीच व्यापार, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन को तेजी मिलेगी
स्थानीय इलाकों में भी विकास की रफ्तार बढ़ेगी
यह सड़क सिर्फ दीघा और कोईलवर को नहीं जोड़ेगी, बल्कि इसके रास्ते में आने वाले—
- मनेर
- कन्हौली
- बिहटा (NIT पटना कैंपस के पास)
जैसे क्षेत्रों के लोगों को भी बड़ा लाभ होगा। भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और स्थानीय व्यवसाय, रियल एस्टेट और ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार देखने को मिलेगा।
पटना के ट्रैफिक पर पड़ेगा बड़ा असर
गंगा के किनारे एलिवेटेड और हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में बनने वाला यह मार्ग पटना की पश्चिमी दिशा में ट्रैफिक जाम को कम करेगा। शहर के अंदर भारी वाहनों के प्रवेश में कमी आएगी और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएँ बेहतर होंगी।
जेपी गंगा पथ फेज-2 पूरा होने के बाद, पटना पश्चिमी बिहार और पूर्वी यूपी के लिए एक प्रमुख हाई-स्पीड हब बन जाएगा।
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