भागलपुर, 10 सितंबर 2025:संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए मनाया जाने वाला जितिया व्रत इस बार 14 सितंबर 2025, रविवार को रखा जाएगा। यह पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल के कई हिस्सों में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है।
अष्टमी तिथि और व्रत का समय
वैदिक पंचांग के अनुसार:
- अष्टमी तिथि प्रारंभ: 14 सितंबर, सुबह 05:04 बजे
- अष्टमी तिथि समापन: 15 सितंबर, रात 03:06 बजे
इस प्रकार 14 सितंबर को जितिया व्रत का पालन किया जाएगा।
व्रत का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जितिया व्रत रखने से:
- संतान की आयु लंबी होती है।
- पुत्र तेजस्वी और ओजस्वी बनता है।
- परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
इस व्रत में विवाहित महिलाएं निर्जला उपवास रखकर भगवान कृष्ण और जीमूतवाहन की कथा का पाठ करती हैं।
विशेष योग का संयोग
इस बार अष्टमी तिथि पर:
- सिद्धि योग
- रवि योग
- शिववास योग
का संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इन योगों में भगवान कृष्ण की पूजा और व्रत करने से व्रती की हर मनोकामना पूर्ण होती है।


