पटना/गोपालगंज: गोपालगंज में दलित परिवार की पिटाई के मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने आरजेडी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बिहार में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं और आरजेडी का दलित विरोधी चरित्र किसी से छिपा नहीं है।
“RJD का नेचर ही दलितों का विरोध करना है” — मांझी
मांझी ने कहा कि गोपालगंज में दलित परिवार की पिटाई की घटना बेहद निंदनीय है, लेकिन यह पहली बार नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
“यह उनका नेचर है। आरजेडी दलितों की पार्टी होने का दावा करती है, लेकिन हमेशा दलित समाज के साथ अत्याचार करती है।”
उन्होंने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे, तब लालू प्रसाद यादव ने 35 विधायकों के साथ राज्यपाल को ज्ञापन देकर उन्हें हटाने की कोशिश की थी। मांझी के अनुसार, यह साफ दिखाता है कि आरजेडी का दलितों के प्रति सम्मान केवल दिखावे का है।
“राजद के लोग दलितों के दुश्मन हैं” — मांझी का तीखा हमला
मांझी ने आगे कहा:
“राजद के लोग दलितों के दुश्मन हैं। लेकिन कानून अपना काम करेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी को बचाते नहीं हैं और किसी को फंसाते भी नहीं हैं।”
उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करेगी और दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
राहुल गांधी पर भी साधा निशाना — “वोट चोरी का आरोप झूठा”
राहुल गांधी द्वारा एनडीए पर “वोट चोरी” के आरोप को मांझी ने पूरी तरह झूठ करार दिया। उन्होंने कहा:
- “राहुल गांधी की आदत है ऐसे बयान देने की।”
- “उन्होंने प्रधानमंत्री की माता के बारे में अपमानजनक बातें कहीं, छठ पर्व पर गलत टिप्पणी की।”
- “हार का एहसास होने पर अब वोट चोरी की बात कह रहे हैं।”
मांझी के अनुसार, एनडीए के खिलाफ लगातार बयानबाजी महागठबंधन की हताशा का परिणाम है।
“वोट चोरी नहीं, हार मान ली है इसलिए आरोप लगा रहे हैं”
मांझी ने कहा कि बिहार चुनाव में वोटिंग प्रक्रिया पारदर्शी है और चुनाव आयोग पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से काम कर रहा है।
“वोट चोरी नहीं हो रही है। बस हार मान ली गई है, इसलिए अब वोट चोरी का बहाना बनाया जा रहा है।”


