
पटना। बिहार की राजधानी स्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रदेश मुख्यालय में मंगलवार को एक बार फिर से राजनीतिक और प्रशासनिक सरगर्मी चरम पर देखी गई। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक जदयू दफ्तर पहुँचकर वहां चल रहे ‘जनसुनवाई’ कार्यक्रम का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने न केवल मंत्रियों द्वारा आम लोगों की समस्याएं सुने जाने की प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया, बल्कि वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और विभिन्न जिलों से आए नागरिकों से सीधा संवाद भी किया। नीतीश कुमार का यह दौरा इस मायने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि वे अपनी पार्टी और सरकार के बीच के समन्वय को और अधिक मजबूत करना चाहते हैं, ताकि जनता की शिकायतों का समाधान निचले स्तर पर प्रभावी ढंग से हो सके। नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया।
मंत्रियों ने सुनीं जिलों से आई शिकायतें: समयबद्ध समाधान पर जोर
नीतीश कुमार के पहुँचने से पहले ही जदयू मुख्यालय में जनसुनवाई का दौर शुरू हो चुका था। इसमें राज्य सरकार के कई कद्दावर मंत्रियों ने हिस्सा लिया और प्रदेश के अलग-अलग कोनों से आए लोगों की फरियाद सुनी। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल और विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री शीला मंडल ने संयुक्त रूप से लोगों की समस्याओं का संज्ञान लिया।
जनसुनवाई के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, भूमि विवाद, बिजली आपूर्ति और सड़क निर्माण से जुड़ी सैकड़ों शिकायतें मंत्रियों के समक्ष रखी गईं। मंत्रियों ने न केवल इन समस्याओं को गंभीरता से सुना, बल्कि मौके पर ही संबंधित विभागों के वरीय अधिकारियों को फोन कर इन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान के कड़े निर्देश दिए। विजय कुमार चौधरी ने इस दौरान कहा कि जनसुनवाई का मूल उद्देश्य यही है कि शासन और जनता के बीच की दूरी कम हो और लोगों को अपने छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता आम आदमी को त्वरित न्याय और सुविधा प्रदान करना है।
देशहित सर्वोपरि और राष्ट्रनीति पर लेशी सिंह का रुख
जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह ने राष्ट्रहित और वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य पर अपनी राय स्पष्ट की। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा देश की जनता से किए गए आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि इसे सभी को अपनाना चाहिए। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री के सुझाव निश्चित रूप से देशहित में लाभकारी सिद्ध होंगे और इससे देश को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान मिलेगी।
लेशी सिंह ने विपक्षी दलों और अन्य राजनैतिक समूहों को नसीहत देते हुए कहा कि देश हमेशा सर्वोपरि होना चाहिए और राष्ट्रहित से जुड़े महत्वपूर्ण संवेदनशील मामलों पर कभी भी राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब बात देश की प्रगति और गौरव की हो, तो सभी मतभेदों को भुलाकर एकजुट होना ही सच्ची राष्ट्रसेवा है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर देश के भीतर राजनैतिक बहस तेज है। लेशी सिंह ने यह साफ कर दिया कि बिहार सरकार और जदयू हमेशा राष्ट्र की मजबूती के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं।
ट्रिपल सी से कोई समझौता नहीं: शीला मंडल की प्रतिबद्धता
विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री शीला मंडल ने सुशासन के प्रति सरकार के अडिग संकल्प को दोहराया। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार अपनी बुनियादी नीतियों से कभी विचलित नहीं होगी। शीला मंडल ने नीतीश कुमार द्वारा स्थापित ‘ट्रिपल सी’ (Triple C) की नीति—क्राइम (Crime), करप्शन (Corruption) और कम्युनलिज्म (Communlism) पर विशेष प्रकाश डाला।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार किसी भी स्थिति में अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से कोई समझौता नहीं करेगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि नीतीश कुमार ने बिहार में जिस सुशासन के मॉडल की आधारशिला रखी है, वह नीति आगे भी निरंतर और मजबूती के साथ जारी रहेगी। शीला मंडल के अनुसार, बिहार की जनता ने हमेशा विकास और शांति की राजनीति को समर्थन दिया है और सरकार का यह प्राथमिक दायित्व है कि वह कानून का राज और सामाजिक समरसता को हर हाल में अक्षुण्ण रखे। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।
संगठन और सरकार के बीच समन्वय की मिसाल
नीतीश कुमार का जदयू कार्यालय में जनसुनवाई का जायजा लेना यह दर्शाता है कि वे प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ पार्टी संगठन की सक्रियता पर भी पूरी नजर रख रहे हैं। जदयू मुख्यालय में मंत्रियों के माध्यम से होने वाली यह जनसुनवाई कार्यकर्ताओं को एक ऐसा मंच प्रदान करती है जहाँ वे अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सीधे सरकार के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचा सकते हैं। नीतीश कुमार ने निरीक्षण के दौरान प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर संतोष व्यक्त किया और कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर फीडबैक एकत्र करने का निर्देश दिया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के अवसर पर जदयू के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और राजनैतिक चेहरे भी मौजूद थे। प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, विधान पार्षद ललन कुमार सर्राफ, विधान पार्षद संजय गांधी, अनिल कुमार, प्रोफेसर नवीन आर्य चंद्रवंशी और मुकेश कुमार सहित पार्टी के अन्य वरीय नेताओं की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम के महत्व को और बढ़ा दिया। इन नेताओं ने भी आगंतुकों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों के उचित निवारण के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया। जदयू कार्यालय में हुआ यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि सत्ता में रहते हुए भी पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और आम अवाम से जुड़े रहने के संकल्प को पूरी निष्ठा से निभा रही है। नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सुशासन की यह कड़ी भविष्य में और अधिक सशक्त होकर जनता के बीच जाएगी।


