​जमशेदपुर में खूनी सनक: टाटा स्टील के रिटायर कर्मी ने पत्नी और दो जवान बच्चों को कुल्हाड़ी से काटा, खुद पुलिस को दी खबर

जमशेदपुर/छपरा। लौहनगरी जमशेदपुर का पॉश इलाका एग्रिको सोमवार की दोपहर एक ऐसी लोमहर्षक घटना का गवाह बना, जिसने न केवल पड़ोसियों बल्कि पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के क्वार्टर नंबर एल5/13 में खून की ऐसी होली खेली गई, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। टाटा स्टील से इसी वर्ष फरवरी में रिटायर हुए एक कर्मचारी ने अपनी ही जीवनसंगिनी और दो जवान बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी। इस तिहरे हत्याकांड की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर के भीतर हर कमरे में खून के धब्बे चीख-चीखकर उस वक्त के मंजर की कहानी बयां कर रहे थे। आरोपी ने वारदात को अंजाम देने के बाद भागने के बजाय खुद पुलिस को फोन कर अपनी करतुत की जानकारी दी। इस घटना के बाद से औद्योगिक शहर में सनसनी फैली हुई है और हर कोई इस सवाल का जवाब ढूंढ रहा है कि आखिर तीन महीने पहले सम्मान के साथ रिटायर हुए एक व्यक्ति के भीतर इतनी नफरत या पागलपन कहाँ से आ गया।

खून से लथपथ कमरों में बिखरी थीं लाशें

​घटना की सूचना मिलते ही जब सिदगोड़ा थाने की पुलिस और एएसपी ऋषभ त्रिवेदी मौके पर पहुँचे, तो घर के भीतर का नजारा देख अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए। पुलिस को घर के अलग-अलग हिस्सों में तीन लाशें मिलीं। आरोपी रवींद्र कुमार सिंह ने अपनी 55 वर्षीय पत्नी सरिता सिंह, 31 वर्षीय बेटी सुप्रिया सिंह और 30 वर्षीय बेटे रविषेक कुमार को मौत के घाट उतार दिया था। रविषेक का शव एक कमरे में बेड पर पड़ा था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि उस पर सोते समय या अचानक हमला किया गया होगा। सुप्रिया का शव दूसरे कमरे में मिला, जबकि घर की गृहणी सरिता सिंह की लाश रसोईघर में खून से लथपथ पड़ी थी।

​पुलिस ने जब घर की तलाशी ली, तो हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए गए। आरोपी ने इस जघन्य अपराध के लिए एक हथौड़े और कुल्हाड़ी का इस्तेमाल किया था। फॉरेंसिक टीम को तत्काल मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने घर के फर्श, दीवारों और दरवाजों पर मौजूद खून के नमूनों को इकट्ठा किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हमला इतना जोरदार था कि पीड़ितों को संभलने या शोर मचाने का भी मौका नहीं मिला होगा। आसपास के लोगों को भी चीख-पुकार सुनाई नहीं दी, जिसका मतलब है कि वारदात को बहुत ही सुनियोजित या फिर अत्यंत तीव्र आवेग में अंजाम दिया गया।

पड़ोसियों के पहुँचने पर हुआ मौत का खुलासा

​रवींद्र कुमार सिंह टाटा स्टील के आरएंडडी एंड साइंटिफिक सर्विसेज विभाग में कार्यरत थे। 1 फरवरी 2026 को वे अपनी सेवाओं से मुक्त हुए थे। पड़ोसियों के लिए वे एक शांत और शालीन व्यक्ति थे, लेकिन उनके भीतर क्या चल रहा था, इसकी भनक किसी को नहीं थी। सोमवार को जब रवींद्र ने खुद पुलिस को फोन किया, तो उसके बाद पुलिस ने पड़ोसियों को सूचित किया। जब कुछ लोग हिम्मत जुटाकर क्वार्टर के भीतर दाखिल हुए, तो वहां का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई। जिस घर में कुछ समय पहले तक रिटायरमेंट की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां आज केवल मौत का सन्नाटा पसरा था।

​एएसपी ऋषभ त्रिवेदी ने बताया कि रवींद्र कुमार सिंह को तत्काल हिरासत में ले लिया गया है। शुरुआती पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। रवींद्र ने पुलिस को बताया कि उसने ही अपनी पत्नी और बच्चों की हत्या की है। हालांकि, जब उससे इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह पूछी गई, तो उसने खुद को ‘मानसिक रूप से बीमार’ बताया। पुलिस इस ‘मेंटल इलनेस’ वाले दावे की भी बारीकी से जांच कर रही है कि क्या यह वास्तव में कोई मनोवैज्ञानिक समस्या है या फिर सजा से बचने के लिए आरोपी की कोई चाल।

छपरा से जमशेदपुर तक मातम का साया

​रवींद्र कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के नगरा प्रखंड के रहने वाले हैं। उनके परिजनों और पैतृक गांव के लोगों को जैसे ही इस तिहरे हत्याकांड की खबर मिली, वहां मातम छा गया। छपरा में रहने वाले उनके रिश्तेदारों के लिए यह यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि रवींद्र जैसा व्यक्ति अपने ही हंसते-खेलते परिवार को इस तरह खत्म कर सकता है। सरिता, सुप्रिया और रविषेक की फाइल फोटो अब सोशल मीडिया और समाचारों में वायरल हो रही हैं, जिन्हें देख हर कोई मर्माहत है।

​रवींद्र का बेटा रविषेक और बेटी सुप्रिया दोनों ही शिक्षित और अपने भविष्य को लेकर सक्रिय थे। पड़ोसियों का कहना है कि सुप्रिया और रविषेक अक्सर अपने पिता के साथ बाहर देखे जाते थे और उनके बीच कभी कोई बड़ा विवाद बाहर सुनने को नहीं मिला। रिटायरमेंट के बाद रवींद्र घर पर ही समय बिताते थे। पुलिस अब परिवार के बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड्स और संपत्ति के दस्तावेजों को भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं इस हत्याकांड के पीछे कोई बड़ा आर्थिक विवाद या पारिवारिक कलह तो नहीं था।

मानसिक स्थिति या सोची-समझी साजिश?

​पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस हत्याकांड के पीछे के ठोस ‘मोटिव’ को ढूंढना है। एएसपी ने मीडिया को बताया कि आरोपी के बयानों में विरोधाभास हो सकता है, इसलिए वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया जा रहा है। क्या रिटायरमेंट के बाद घर में खाली बैठने से रवींद्र डिप्रेशन का शिकार हो गए थे? या फिर बच्चों के करियर या विवाह को लेकर कोई ऐसा तनाव था जो इस हद तक बढ़ गया? पुलिस इन तमाम बिंदुओं पर काम कर रही है।

​फॉरेंसिक विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से कुल्हाड़ी और हथौड़े का उपयोग किया गया है, वह गहरी नफरत या अत्यंत विक्षिप्त मानसिक स्थिति की ओर इशारा करता है। रसोईघर में पत्नी की हत्या और फिर अलग-अलग कमरों में बच्चों को मारना यह दर्शाता है कि हत्यारे ने एक-एक कर सबको निशाना बनाया ताकि कोई बच न सके। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह साफ हो पाएगा कि तीनों की मौत किस समय हुई और उन पर कितने वार किए गए थे।

टाटा स्टील परिवार और एग्रिको में सन्नाटा

​एग्रिको इलाका जमशेदपुर के सबसे सुरक्षित और शांत क्षेत्रों में गिना जाता है। यहाँ टाटा स्टील के अधिकारी और कर्मचारी निवास करते हैं। इस तिहरे हत्याकांड ने यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार की शाम तक रवींद्र के क्वार्टर के बाहर भारी भीड़ जमा रही। टाटा स्टील के उनके पूर्व सहकर्मी भी इस खबर को सुनकर स्तब्ध हैं। उनके अनुसार, रवींद्र काम के दौरान बहुत ही अनुशासित थे और उनका व्यवहार कभी हिंसक नहीं रहा।

​फिलहाल, पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी रवींद्र सिंह से सिदगोड़ा थाने में कड़ाई से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी देख रही है कि क्या इस वारदात में किसी और बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता तो नहीं है, हालांकि अब तक के साक्ष्य केवल रवींद्र की ओर ही इशारा कर रहे हैं। जमशेदपुर की यह घटना एक सबक है कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही कभी-कभी कितने बड़े और अपूरणीय नुकसान का कारण बन सकती है। शहर के लोग अब केवल उस विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं जो इस ‘रिटायरमेंट के बाद के खूनी खेल’ के पीछे के असली सच को सामने लाएगी।

  • ये भी पढ़े..

    मुहर्रम जुलूस के दौरान ड्यूटी पर तैनात एसआई का तलवार लहराते वीडियो वायरल, एसएसपी ने दिए जांच के आदेश

    Share Add as a preferred…

    भागलपुर की 238 पंचायतों में आज पंचायत विकास दिवस, महिला सशक्तिकरण और मद्यनिषेध अभियान पर रहेगा विशेष फोकस

    Share Add as a preferred…