​जमालपुर में खौफनाक वारदात: विधायक की भतीजी और दारोगा की पत्नी ने सर्विस रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली

जमालपुर (मुंगेर)। बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर थाना क्षेत्र में शनिवार, 11 अप्रैल 2026 की शाम एक ऐसी हृदयविदारक घटना घटी जिसने पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में हड़कंप मचा दिया। मुंगेर और जमालपुर के बीच स्थित सफियासराय (सफियाबाद) थाने में तैनात सब-इंस्पेक्टर (SI) चंदन कुमार की 29 वर्षीय पत्नी मधु कुमारी ने अपने घर में पति की सरकारी रिवॉल्वर से सीने में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। यह मामला केवल एक पुलिसकर्मी की पत्नी की मौत तक सीमित नहीं है, क्योंकि मृतका बिहार की राजनीति के एक रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखती थी। मधु कुमारी समस्तीपुर जिले के हसनपुर से जदयू विधायक राजकुमार राय की सगी भतीजी थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले ने न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता को बढ़ा दिया है, बल्कि पुलिस के भीतर हथियारों की सुरक्षा और पारिवारिक तनाव के प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा है और मुंगेर पुलिस कप्तान स्वयं इस मामले की तफ्तीश की कमान संभाले हुए हैं।

होनहार छात्रा और रसूखदार परिवार: सपनों का दुखद अंत

​मृतक मधु कुमारी का व्यक्तित्व केवल एक दारोगा की पत्नी के रूप में नहीं था। वह समस्तीपुर के विधान गांव के रहने वाले रंजीत कुमार की पुत्री थी और शिक्षा के क्षेत्र में काफी सक्रिय थी। मधु कुमारी बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही थी और एक प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना संजोए हुए थी। तीन महीने पहले ही वह अपने पति चंदन कुमार के साथ जमालपुर स्थित एक किराए के मकान में रहने आई थी।

​चंदन और मधु की शादी पिछले साल 7 फरवरी 2025 को हुई थी। मात्र 14 महीने के वैवाहिक जीवन में ऐसा मोड़ आएगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। एसआई चंदन कुमार, जो बेतिया के मैनाटांड के रहने वाले ब्रजभूषण सिंह के पुत्र हैं, अपनी ड्यूटी और करियर के शुरुआती दौर में थे। एक तरफ एक होनहार छात्रा के प्रशासनिक अधिकारी बनने के सपने थे, तो दूसरी तरफ एक पुलिस अधिकारी के घर की चुनौतियां। शनिवार की शाम इन तमाम सपनों और संभावनाओं का एक गोली ने अंत कर दिया।

सुबह की कहासुनी और शाम का धमाका: घटना का पूरा क्रम

​स्थानीय लोगों और पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हुई थी। हालांकि, दोपहर तक स्थिति सामान्य प्रतीत हो रही थी, लेकिन शाम होते-होते यह मानसिक तनाव एक हिंसक मोड़ ले लिया। शाम के करीब साढ़े छह बजे, जब जमालपुर की सड़कों पर सामान्य हलचल थी, तभी चंदन कुमार के घर से एक जोरदार धमाके की आवाज आई।

​एसआई चंदन कुमार का कहना है कि उस समय वह बाथरूम में थे। गोली चलने की आवाज सुनकर जब वे कमरे की ओर भागे, तो उन्होंने मधु को जमीन पर लहूलुहान अवस्था में पड़ा पाया। मधु ने सरकारी सर्विस रिवॉल्वर को अपने सीने से सटाकर ट्रिगर दबा दिया था। कमरे के भीतर बिखरे खून और बारूद की गंध ने उस खौफनाक मंजर को बयां किया। मधु ने आत्मघाती कदम उठाने के लिए उस हथियार का चुनाव किया जो कानून की रक्षा के लिए उसके पति को दिया गया था।

अस्पताल में मची चीख-पुकार: डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

​घायल मधु को आनन-फानन में चंदन कुमार और स्थानीय लोगों की मदद से मुंगेर के निजी इमरजेंसी अस्पताल ले जाया गया। वहां मौजूद चिकित्सक डॉक्टर शैलेश ने प्राथमिक जांच के बाद ही स्थिति को स्पष्ट कर दिया। डॉक्टर शैलेश के अनुसार, मधु को जब अस्पताल लाया गया, तब तक उसकी धड़कनें रुक चुकी थीं। गोली सीधे हृदय के पास लगी थी, जिससे आंतरिक अंगों को काफी क्षति पहुँची और अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसकी मृत्यु हो गई।

​अस्पताल के गलियारों में सन्नाटा तब और गहरा गया जब यह खबर फैली कि मृतका एक विधायक की भतीजी है। देर रात तक अस्पताल परिसर में पुलिसकर्मियों और स्थानीय नागरिकों का तांता लगा रहा। पुलिस ने शव को सुरक्षित रखवा दिया है और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने में जुटी है।

एसपी सैयद इमरान मसूद की सक्रियता और एफएसएल की जांच

​घटना की जानकारी मिलते ही मुंगेर के पुलिस अधीक्षक (SP) सैयद इमरान मसूद स्वयं घटनास्थल और अस्पताल पहुँचे। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्वयं कमान संभाली। एसपी ने कहा कि चूंकि इसमें सरकारी हथियार का इस्तेमाल हुआ है, इसलिए यह मामला अत्यंत गंभीर है। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या रिवॉल्वर को सुरक्षित स्थान पर रखा गया था या नहीं।

​मुंगेर और भागलपुर से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों को मौके पर बुलाया गया है। विशेषज्ञों ने कमरे से साक्ष्य संकलन किया है, जिसमें उंगलियों के निशान, खून के नमूने और गोली का खोखा शामिल है। इसके अलावा, पुलिस ने एसआई चंदन कुमार के मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है। कॉल रिकॉर्ड्स और व्हाट्सएप चैट्स की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि घटना से ठीक पहले क्या बातचीत हुई थी या क्या मधु ने कोई संदेश छोड़ा था।

परिजनों का गंभीर आरोप: हत्या या आत्महत्या?

​समस्तीपुर से मधु के पिता रंजीत कुमार और अन्य परिजन मुंगेर पहुँच चुके हैं। परिजनों के चेहरों पर दुःख के साथ-साथ भारी आक्रोश भी है। उन्होंने पुलिस कप्तान के सामने यह आशंका जाहिर की है कि यह महज आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला भी हो सकता है। उनका कहना है कि मधु एक साहसी लड़की थी और वह परीक्षा की तैयारी कर रही थी, वह ऐसा कदम नहीं उठा सकती।

​परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर यह आत्महत्या भी है, तो इसके पीछे की वजहों को साफ करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। विधायक राजकुमार राय की भतीजी होने के कारण इस मामले पर राजनीतिक दबाव भी बढ़ गया है। जदयू विधायक ने भी अपनी भतीजी की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया है और पुलिस प्रशासन से मामले की तह तक जाने की अपेक्षा की है।

कानूनी और विभागीय सवाल: सर्विस रिवॉल्वर की सुरक्षा

​इस घटना ने पुलिस महकमे के आंतरिक प्रोटोकॉल पर भी सवाल खड़े किए हैं। एक सब-इंस्पेक्टर का सरकारी हथियार घर के भीतर ऐसी जगह कैसे रखा था जहाँ उसकी पत्नी की पहुंच इतनी आसान थी? पुलिस नियमावली के अनुसार, ड्यूटी के बाद हथियारों को या तो थाने के मालखाने में जमा करना चाहिए या घर पर अत्यंत सुरक्षित और लॉक की गई अलमारी में रखना चाहिए।

​क्या चंदन कुमार ने हथियार रखने में लापरवाही बरती? क्या हथियार का उपयोग किसी आवेश में किया गया? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब मुंगेर पुलिस को तलाशना है। यदि लापरवाही सिद्ध होती है, तो एसआई चंदन कुमार को न केवल व्यक्तिगत क्षति झेलनी होगी, बल्कि उन्हें गंभीर विभागीय कार्रवाई और कानूनी शिकंजे का भी सामना करना पड़ सकता है। एसपी ने आश्वासन दिया है कि जांच में किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं किया जाएगा।

मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक कलह का बढ़ता प्रभाव

​जमालपुर की यह घटना समाज के उस कड़वे सच की ओर भी इशारा करती है जहाँ ‘इगो क्लैश’ (Ego Clash) और संवाद की कमी जानलेवा साबित हो रही है। एक तरफ दारोगा की नौकरी का अपना तनाव और दूसरी तरफ बीपीएससी जैसी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र की अपनी अपेक्षाएं। जब इन दोनों के बीच सामंजस्य नहीं बैठता, तो परिणाम अक्सर ऐसे ही विनाशकारी होते हैं।

​विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए नियमित काउंसलिंग सेशन होने चाहिए। जिस तरह सुबह की कहासुनी शाम को मौत के धमाके में बदल गई, वह यह दर्शाता है कि विवाद काफी गहरा था और उसे सुलझाने का कोई मंच मौजूद नहीं था। 29 साल की उम्र में एक जीवन का इस तरह अंत होना समाज के लिए एक बड़ी क्षति है।

 न्याय के इंतजार में दो जिले

​मुंगेर और समस्तीपुर की सीमाएं इस समय गम और गुस्से में मिली हुई हैं। मधु कुमारी की मौत ने एक होनहार करियर और एक रसूखदार परिवार के गौरव को चोट पहुँचाई है। अब सबकी निगाहें एफएसएल की रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो पाएगा कि गोली कितनी दूरी से और किस दिशा से चलाई गई थी।

The Voice of Bihar की टीम इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। हम प्रशासन से यह उम्मीद करते हैं कि इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी ताकि सच सामने आ सके। एक पुलिस अधिकारी की पत्नी, एक विधायक की भतीजी और एक भावी प्रशासनिक अधिकारी का यह खौफनाक अंत बिहार के लिए एक चेतावनी है कि हमें अपने घरों के भीतर के ‘बारूद’ को वक्त रहते पहचानना और शांत करना होगा। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस की जांच किस दिशा में मुड़ती है।

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