
जमालपुर। मालगाड़ियों के संचालन और रखरखाव के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जमालपुर लोको शेड ने 12,000 हॉर्स पावर क्षमता वाले वैग-12 विद्युत मालगाड़ी इंजन का पहली बार ट्रिप निरीक्षण (टीआई) सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसे मालदा मंडल के लिए एक ऐतिहासिक तकनीकी उपलब्धि माना जा रहा है।
यह कार्य मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (डी) जमालपुर के नेतृत्व में पूरा किया गया।
पहली बार मिला था इस श्रेणी के लोको पर काम
लोको संख्या 65008 (बी यूनिट/वैग-12) को निर्धारित ट्रिप निरीक्षण अनुसूची के तहत जमालपुर लोको शेड लाया गया था। जांच के दौरान तकनीकी टीम ने पाया कि 65008ए यूनिट का इलेक्ट्रॉनिक ब्रेक वेंट वाल्व (EBV) जाम था, जिसके कारण ब्रेक पाइप का दबाव बन नहीं पा रहा था और इंजन की परिचालन क्षमता प्रभावित हो रही थी।
चुनौती यह भी थी कि जमालपुर लोको शेड के तकनीकी कर्मचारियों को इस श्रेणी के 12,000 हॉर्स पावर हाई-कैपेसिटी लोको पर पहले काम का अनुभव नहीं था।
तकनीकी सूझबूझ से दूर की खराबी
तकनीकी टीम ने सूक्ष्म परीक्षण और विश्लेषण के बाद खराबी की सटीक पहचान की। इसके बाद जरूरी मरम्मत और सिस्टम टेस्टिंग की गई। सभी सुरक्षा और तकनीकी मानकों पर खरा उतरने के बाद इंजन को सेवा के लिए पूरी तरह फिट घोषित कर दिया गया।
रेल अधिकारियों के अनुसार, यह उपलब्धि दिखाती है कि नई और अत्याधुनिक तकनीक वाले इंजनों के अनुरक्षण में भी जमालपुर लोको शेड अब पूरी तरह सक्षम है।
टीमवर्क और नई तकनीक अपनाने की क्षमता का उदाहरण
इस सफलता को जमालपुर लोको शेड के अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और कर्मचारियों की टीम भावना, तकनीकी दक्षता और नई तकनीकों को तेजी से अपनाने की क्षमता का परिणाम बताया गया है।
रेल मंडल के अनुसार इससे मालगाड़ी परिचालन की विश्वसनीयता और निरंतरता को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह कदम भारतीय रेल के आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भरता और उच्च परिचालन दक्षता के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


