HIGHLIGHTS: ‘मिनी बिहार’ में बिहारी संस्कृति की धूम; विरासत बचाने को बनेगा अंतरराष्ट्रीय म्यूजियम
- हाई-लेवल डिप्लोमेसी: बिहार के सचिव प्रणव कुमार और एमडी नंद किशोर ने मॉरीशस के राष्ट्रपति और कैबिनेट मंत्रियों से की शिष्टाचार मुलाकात।
- विरासत का संरक्षण: गिरमिटिया मजदूरों से जुड़ी प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने के लिए संयुक्त म्यूजियम और डिजिटाइजेशन पर बनी सहमति।
- मिथिला का मैजिक: मॉरीशस के बच्चों को ऑनलाइन क्लास के जरिए सिखाई जाएगी मिथिला पेंटिंग; कलाकारों के लिए सजेगा साझा मंच।
- कनेक्टिविटी: बिहार और मॉरीशस के बीच सीधी संपर्कता के लिए पर्यटन मंत्री और बड़े ट्रांसपोर्टर्स के साथ हुई विशेष बैठक।
पोर्ट लुई (मॉरीशस) / पटना | 21 मार्च, 2026
कल जब पूरा बिहार अपना 114वां स्थापना दिवस मना रहा होगा, उसकी गूंज केवल गंगा के किनारों तक सीमित नहीं रहेगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) के पास खबर है कि हिंद महासागर के द्वीप मॉरीशस में भी ‘बिहार दिवस’ की वैसी ही धूम है जैसी पटना के गांधी मैदान में। बिहार सरकार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस वक्त मॉरीशस में है, जो न केवल उत्सव मना रहा है, बल्कि ‘गिरमिटिया’ इतिहास के उन अनमोल पन्नों को सहेजने की नींव रख रहा है, जो कभी बिहार से वहां पहुँचे थे।
पांडुलिपि और म्यूजियम: जड़ों को खोजने की कोशिश
बैठक के दौरान सबसे ज्यादा जोर ऐतिहासिक दस्तावेजों पर रहा:
- गिरमिटिया इतिहास: सदियों पहले बिहार से मॉरीशस गए लोगों की पांडुलिपियां हमारी साझी विरासत हैं।
- डिजिटल सुरक्षा: इन प्राचीन दस्तावेजों के संरक्षण और प्रदर्शनी के लिए एक अत्याधुनिक संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया गया है।
सॉफ्ट पावर: मॉरीशस की दीवारों पर उकेरी जाएगी ‘मिथिला’
सचिव प्रणव कुमार ने मॉरीशस में बिहार की कला के प्रति जबरदस्त उत्साह देखा:
”वहाँ के लोग मिथिला पेंटिंग सीखने के लिए बहुत उत्सुक हैं। हमने तय किया है कि अगर वहाँ के बच्चे सीखना चाहते हैं, तो विभाग ऑनलाइन क्लास की सुविधा शुरू करेगा। जल्द ही दोनों देशों के कलाकारों के लिए संयुक्त कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।”
बैठक का एजेंडा: किसके साथ क्या हुई बात?
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प्रतिनिधि / मंत्री |
चर्चा का मुख्य विषय |
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राष्ट्रपति एवं कला मंत्री |
सांस्कृतिक आदान-प्रदान और बिहार आने का न्योता। |
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पर्यटन मंत्री & ट्रांसपोर्टर्स |
बिहार-मॉरीशस के बीच बेहतर कनेक्टिविटी और सीधी संपर्कता। |
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कृषि मंत्री |
कृषि क्षेत्र में आपसी सहयोग और नवाचार। |
VOB का नजरिया: मॉरीशस केवल ‘देश’ नहीं, बिहार का ‘विस्तार’ है!
मॉरीशस में बिहार दिवस का मनाया जाना यह साबित करता है कि संस्कृति को सरहदें नहीं रोक सकतीं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि सचिव प्रणव कुमार और एमडी नंद किशोर का यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक ‘इमोशनल कनेक्ट’ है।
अक्सर हम अपनी पांडुलिपियों और इतिहास को भूल जाते हैं, लेकिन गिरमिटिया मजदूरों के वंशजों के लिए ये कागजात उनकी पहचान हैं। मिथिला पेंटिंग को ऑनलाइन क्लास के जरिए ग्लोबल बनाना एक शानदार आइडिया है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती कनेक्टिविटी है। अगर पटना से मॉरीशस के बीच यात्रा सुगम हो जाए, तो बिहार का पर्यटन सीधे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जंप कर सकता है। मॉरीशस के मेहमानों को बिहार दिवस पर बुलाना, अतिथि देवो भवः की परंपरा का बेहतरीन उदाहरण है।


