
HIGHLIGHTS: नशे के सौदागरों के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’; पुलिस की मुस्तैदी से नाकाम हुआ ‘ब्राउन शुगर’ का खेल
- बड़ी कामयाबी: बाईपास थाना क्षेत्र के गोनुधाम तरडीहा से भारी मात्रा में मादक पदार्थों के साथ एक अभियुक्त गिरफ्तार।
- सीज रिपोर्ट: 9.6 ग्राम ब्राउन शुगर और 8.43 ग्राम गांजा बरामद; बाइक और मोबाइल फोन भी जप्त।
- एक्शन मोड: वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर अवैध शराब और ड्रग्स के खिलाफ जिले भर में चल रही है सघन छापेमारी।
- टीम वर्क: नगर पुलिस अधीक्षक और विधि-व्यवस्था DSP के नेतृत्व में बाईपास पुलिस ने बिछाया था जाल।
भागलपुर | 21 मार्च, 2026
सिल्क सिटी भागलपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अपनी कमर कस ली है। शनिवार को बाईपास थाना पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर गोनुधाम तरडीहा के समीप छापेमारी कर नशे के एक बड़े नेटवर्क को झटका दिया है। जिस ‘हॉट स्पॉट’ पर अपराधी पुलिस को चकमा देकर ड्रग्स की खरीद-बिक्री कर रहे थे, वहां आज खाकी का डंडा चला और एक शातिर तस्कर को रंगे हाथ दबोच लिया गया।
छापेमारी का ‘ब्लूप्रिंट’: कैसे जाल में फंसा सौरव?
वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चोरी, छिनतई और मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 21 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि गोनुधाम के पास ड्रग्स की डील होने वाली है।
- विशेष टीम का गठन: विधि-व्यवस्था DSP के नेतृत्व में बाईपास थानाध्यक्ष सुमन कुमार और उनकी टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला।
- रंगे हाथ गिरफ्तारी: पुलिस ने घेराबंदी कर सौरव कुमार (पिता- गनौरी राय) को गिरफ्तार किया। उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से नशे की पुड़िया बरामद हुई।
बरामदगी की ‘फाइनल लिस्ट’:
सामान / मादक पदार्थ | मात्रा / संख्या |
|---|---|
ब्राउन शुगर (Brown Sugar) | 9.6 ग्राम |
गांजा (Ganja) | 8.43 ग्राम |
एंड्रॉयड मोबाइल फोन | 02 |
मोटरसाइकिल | 01 |
VOB का नजरिया: युवाओं की रगों में घुलते ‘जहर’ पर कब लगेगा पूर्ण विराम?
भागलपुर के बाईपास इलाकों में ‘ब्राउन शुगर’ की बरामदगी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि 9.6 ग्राम ब्राउन शुगर सुनने में कम लग सकती है, लेकिन यह दर्जनों युवाओं की जिंदगी बर्बाद करने के लिए काफी है।
गोभी और अनाज की आड़ में या सुनसान बाईपास के ‘हॉट स्पॉट्स’ पर चलने वाला यह काला धंधा केवल एक अपराधी की गिरफ्तारी से खत्म नहीं होगा। पुलिस को इसके ‘बैकवर्ड लिंकेज’ यानी यह माल कहाँ से आ रहा है और इसका ‘मास्टरमाइंड’ कौन है, उस तक पहुँचना होगा। बाईपास पुलिस की यह तत्परता सराहनीय है, लेकिन जनता को भी सजग रहना होगा—अगर आपके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत पुलिस को खबर दें।


