
पटना: बिहार विधानसभा के 14वें दिन दूसरे चरण की कार्यवाही के दौरान जदयू विधायक IP Gupta ने एक कथित दुष्कर्म और संदिग्ध मौत के मामले को उठाते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को उठाने के लिए लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे थे और सीधे गृह मंत्री से जवाब चाहते थे। इस दौरान विधायक रोने लगे।
आईपी गुप्ता ने आरोप लगाया कि 3 मई को एक बच्ची को उसके घर से उठाकर मकई के खेत में ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। 4 मई की शाम उसे गंभीर हालत में घर के पास छोड़ दिया गया और आरोपी फरार हो गया। परिजनों की शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 7 मई को आरोपी बच्ची की हत्या कर गया, लेकिन पुलिस ने इसे आत्महत्या का रूप दे दिया।
विधायक ने कहा कि पीड़िता सामाजिक रूप से कमजोर परिवार से थी और उसके परिजनों ने न्याय के लिए मुख्यमंत्री जनता दरबार से लेकर डीजीपी तक आवेदन किए, साथ ही विभिन्न जनप्रतिनिधियों को चिट्ठियां लिखीं, लेकिन अब तक न्याय नहीं मिला।
सदन में बोलते हुए आईपी गुप्ता ने कहा, “पीड़िता की मां मेरे घर आकर रोती रही और इंसाफ की गुहार लगाती रही। इस मामले में कुछ करिए हुजूर… बच्ची को न्याय दिलाइए।” इस पर सदन में गंभीर माहौल बन गया। सत्ता पक्ष की ओर से आश्वासन दिया गया कि मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।


