शराबबंदी वाले बिहार में ‘नशे’ ने ली एक और जान! कहलगांव में 2 महीने बाद घर लौटे युवक की संदिग्ध मौत; खेत में बदहवास मिला था सुभाष, मायागंज अस्पताल में तोड़ा दम

समाचार के मुख्य बिंदु: घर पहुँचने से पहले ही मौत के ‘जहर’ ने जकड़ा

  • दुखद घटना: भागलपुर जिले के कहलगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत लालपुर भादेव गांव में एक 27 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है।
  • मृतक की पहचान: सुभाष कुमार राम (27 वर्ष), पिता- रामविलास राम, निवासी- लालपुर भादेव।
  • घटना का क्रम: सुभाष करीब दो महीने बाद बाहर से कमाकर घर लौटे थे, लेकिन घर पहुँचने से ठीक पहले वे नशे की हालत में एक खेत में गिरे हुए पाए गए।
  • इलाज के दौरान मौत: परिजनों ने उन्हें भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज) में भर्ती कराया, जहाँ शनिवार की देर रात करीब 1:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।
  • पारिवारिक विवाद: मृतक की शादी 2019 में हुई थी, लेकिन वैवाहिक कलह के कारण उनकी पत्नी पिछले कई वर्षों से मायके में रह रही थी।
  • VOB इनसाइट: बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद एक युवक का इस तरह खुलेआम नशे की हालत में मिलना और उसकी मौत हो जाना, स्थानीय स्तर पर शराब की उपलब्धता और पुलिसिया गश्त पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। आखिर सुभाष को शराब कहाँ से मिली और क्या वह ‘जहरीली’ थी, यह जांच का विषय है।

भागलपुर/कहलगांव | 28 मार्च, 2026

​बिहार में शराबबंदी कानून की सख्ती के दावों के बीच भागलपुर से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। कहलगांव थाना क्षेत्र के लालपुर भादेव गांव में एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब दो महीने बाद घर लौट रहा उनका बेटा घर की दहलीज पर पहुँचने से पहले ही काल के गाल में समा गया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सुभाष की मौत ने एक बार फिर नशे के अवैध कारोबार और उससे उजड़ते परिवारों की दास्तां को बयां किया है।

खेत में मिली बदहवास हालत: परिजनों की जुबानी पूरी कहानी

​परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, सुभाष कुमार राम पिछले दो महीने से बाहर थे और शनिवार को ही वापस अपने गांव लौटे थे। वे बस या ट्रेन से उतरकर अपने घर की ओर आ रहे थे, लेकिन घर पहुँचने से कुछ ही दूरी पर वे एक सुनसान खेत में गिर पड़े।

एक बच्चे ने दी सूचना:

खेत में एक युवक को पड़ा देख एक स्थानीय बच्चे ने शोर मचाया और परिजनों को इसकी जानकारी दी। जब सुभाष के घरवाले मौके पर पहुँचे, तो वे उन्हें देखते ही सन्न रह गए। सुभाष पूरी तरह बेसुध थे और उनके शरीर से शराब की बेहद तेज गंध आ रही थी। उनकी हालत को देखते हुए बिना देर किए उन्हें इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन देर रात करीब 1:30 बजे उनकी सांसें थम गईं।

वैवाहिक कलह और टूटे रिश्तों की दास्तां

​सुभाष की मौत के बाद उनके ससुराल पक्ष और साले सुमित ने कई गंभीर खुलासे किए हैं। सुमित के अनुसार, उनकी बहन की शादी वर्ष 2019 में सुभाष के साथ बड़ी उम्मीदों के साथ हुई थी।

  • शादी के बाद बिखराव: सुमित का आरोप है कि शादी के मात्र 15-20 दिनों के भीतर ही उसकी बहन को ससुराल में प्रताड़ित किया जाने लगा और उसे वह सम्मान नहीं मिला जिसकी वह हकदार थी।
  • मायके में थी पत्नी: रिश्तों में आई कड़वाहट इस कदर बढ़ी कि शादी के कुछ ही दिनों बाद सुभाष की पत्नी अपना ससुराल छोड़कर वापस मायके चली आई और तब से वह वहीं रह रही थी।
  • मानसिक तनाव या लत? स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि क्या सुभाष पारिवारिक तनाव के कारण नशे की लत का शिकार हुए थे या फिर यह केवल एक संयोग था कि घर लौटते ही उन्होंने शराब का सेवन किया।

केस फाइल: एक नजर में

  • मृतक: सुभाष कुमार राम (27 वर्ष)
  • पिता: रामविलास राम
  • स्थान: लालपुर भादेव, कहलगांव (भागलपुर)
  • मौत का समय: शनिवार देर रात, 1:30 बजे (मायागंज अस्पताल)
  • विवाद: 2019 से पत्नी के साथ अनबन और अलग रहना।
  • मुख्य साक्ष्य: शरीर से शराब की गंध और खेत में बदहवास मिलना।

VOB का नजरिया: क्या शराबबंदी केवल कागजों पर है?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी पर सवालिया निशान लगा दिया है।

  1. शराब की उपलब्धता: जब राज्य में शराबबंदी है, तो सुभाष को घर पहुँचने से पहले ही शराब कहाँ से उपलब्ध हुई? क्या इलाके में धड़ल्ले से अवैध शराब की बिक्री हो रही है?
  2. जहरीली शराब का अंदेशा: जिस तरह से सुभाष की हालत बिगड़ी और अस्पताल में मौत हुई, पुलिस को यह भी जांचना चाहिए कि कहीं उन्होंने जहरीली शराब (Spurious Liquor) का सेवन तो नहीं किया था।
  3. सामाजिक जिम्मेदारी: 27 साल के एक युवक की मौत ने एक बार फिर यह साबित किया है कि शराब न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह परिवारों के विनाश का सबसे बड़ा कारण भी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी नजरें

​फिलहाल सुभाष के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कहलगांव पुलिस इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत की सटीक वजह (शराब का ओवरडोज या जहर) साफ हो सके। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) इस संदिग्ध मौत के पीछे के ‘शराब सिंडिकेट’ की पहचान और पोस्टमार्टम के आधिकारिक खुलासे की हर ताज़ा अपडेट आप तक सबसे पहले पहुँचाता रहेगा।

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