पटना में अंतरराष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन: बिहार के मखाना और खाद्य उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, 22 देशों के निवेशकों ने दिखाई रुचि

पटना: बिहार की राजधानी पटना के ज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन राज्य के स्थानीय उत्पादकों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। सम्मेलन में जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया सहित 22 देशों के 70 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और देशभर के 50 से अधिक विक्रेताओं ने भाग लिया।

इस आयोजन का उद्देश्य बिहार के कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ना, निर्यात को बढ़ावा देना और स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना था। यह सम्मेलन राज्य की कृषि समृद्धि और विविध खाद्य उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक प्रभावशाली मंच बना।

मखाना बना आकर्षण का केंद्र, बढ़ी अंतरराष्ट्रीय मांग

केंद्र सरकार द्वारा मखाना बोर्ड गठन और मखाना को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिलने के बाद से इस सुपरफूड की वैश्विक मांग में तेजी आई है। स्थानीय व्यवसायी विकास कुमार ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय खरीदार मखाना के लिए स्थानीय मूल्य से ₹500 प्रति किलो अधिक देने को तैयार हैं।

“हम पहले ही कई देशों में मखाना निर्यात कर रहे हैं। इस सम्मेलन से करीब 20 नई अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां पाइपलाइन में हैं। मखाना से बने उत्पादों—जैसे बिस्कुट, स्नैक्स, चॉकलेट और चिप्स—की भारी मांग है,” विकास ने कहा।

उन्होंने आगे बताया कि दुनिया का 90% मखाना बिहार में उत्पादित होता है और राज्य का यह उद्योग पहले ही ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है।

सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण निर्यात को बढ़ावा

कार्बाइड मुक्त आम और सब्जियां निर्यात करने वाली स्थानीय उद्यमी सोनी ने सम्मेलन को “सूचनात्मक और अवसरों से भरपूर” बताया। उन्होंने कहा कि यह मंच ऐसे उत्पादकों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ने में मदद करता है जो रसायन मुक्त, सुरक्षित और प्रमाणित उत्पादों की आपूर्ति करते हैं।

“हम गर्म पानी से आम की प्रोसेसिंग करते हैं, जिससे गुणवत्ता बनी रहती है। इस सम्मेलन ने हमें सीधे उन लोगों से जोड़ा जो इस तरह के उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद की तलाश में हैं,” सोनी ने कहा।

सरकार का उद्देश्य: “हर थाली में भारत का स्वाद”

कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने किया। उन्होंने कहा:

“यह बिहार के किसानों और उत्पादकों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि भारतीय खाद्य उत्पाद दुनिया की हर थाली में जगह पाएं और बिहार इसमें अहम भूमिका निभा सकता है।”

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) और बिहार राज्य उद्योग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह सम्मेलन स्थानीय उत्पादकों, निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच सेतु का काम कर रहा है। इससे न सिर्फ राज्य के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है, बल्कि बिहार भारत के खाद्य निर्यात मानचित्र पर एक अहम केंद्र के रूप में उभर रहा है।


 

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