भागलपुर। मायागंज स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (JLNMCH) में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब बीएससी नर्सिंग के पांच इंटर्न छात्रों को दवाएं चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। इनमें से एक छात्र निजी नर्सिंग कॉलेज से है, जबकि चार छात्र-छात्राएं जेएलएनएमसीएच के नर्सिंग कॉलेज से बताए जा रहे हैं।
दवा वितरण केंद्र में बैग में भर रहे थे दवाएं
घटना अस्पताल के मेडिसिन विभाग के ओपीडी स्थित दवा वितरण केंद्र की है, जहां इन नर्सिंग छात्रों की इंटर्नशिप चल रही थी। दवा वितरण की सिस्टर इंचार्ज सबिता कुमारी ने बताया कि काफी समय से दवाओं की चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। मंगलवार को करीब दोपहर 1 बजे इन पांचों को अपने-अपने बैग में बड़ी मात्रा में दवा भरते हुए देखा गया।
स्टाफ नर्स सोनी कुमारी ने यह दृश्य देखकर तुरंत सिस्टर इंचार्ज को सूचना दी। मौके पर पहुंचीं सबिता कुमारी ने इन छात्रों के बैग से दवाएं और चार आईडी कार्ड जब्त कर लिए और सभी को अस्पताल अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार के पास ले गईं।
प्रशासन सख्त, प्राचार्य को लिखा जाएगा पत्र
अस्पताल अधीक्षक डॉ. अविलेश कुमार ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इन छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए संबंधित नर्सिंग कॉलेज के प्राचार्य को पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल प्रशासन ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा और यदि आवश्यकता हुई तो पुलिस को भी सूचना दी जा सकती है।
चोरी की दवाओं की कीमत हजारों में
सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए छात्रों के बैग से हजारों रुपये की दवाएं बरामद की गईं, जो ओपीडी मरीजों को मुफ्त वितरित की जाती हैं। इनमें बीपी, शुगर, एंटीबायोटिक और दर्द निवारक जैसी दवाएं शामिल थीं।
नर्सिंग संस्थानों की साख पर सवाल
इस घटना ने न सिर्फ मायागंज अस्पताल बल्कि नर्सिंग प्रशिक्षण संस्थानों की साख पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि क्या यह घटना किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है या छात्रों की व्यक्तिगत करतूत।
यह घटना स्वास्थ्य सेवा से जुड़े प्रशिक्षण में नैतिकता की गिरावट को उजागर करती है। अस्पताल प्रशासन की तत्परता से चोरी पकड़ी गई, लेकिन सवाल यह है कि ऐसे प्रशिक्षु मरीजों की सेवा कैसे करेंगे?


