
कराची में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की ओर से लगाए गए आरोपों को भारत ने सिरे से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान की रिपोर्ट पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद है तथा इस घटना से भारत का कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को हर घटना के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की आदत छोड़नी चाहिए। इसके बजाय उसे अपने देश में सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करनी चाहिए।
‘पाकिस्तान आत्ममंथन करे’
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है। उन्होंने दोहराया कि आतंकवाद किसी भी देश की नीति का हिस्सा नहीं होना चाहिए और क्षेत्र में स्थायी शांति तभी संभव है जब आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।
कराची में हुआ था बड़ा आतंकी हमला
शनिवार रात कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के प्रांतीय मुख्यालय पर बड़ा आतंकी हमला हुआ। सिंध पुलिस के अनुसार आतंकियों ने विस्फोटकों से भरी गाड़ी मुख्य गेट से टकराई, जिसके बाद भारी गोलीबारी शुरू हो गई।
हमले में तीन पाकिस्तानी अर्धसैनिक जवान और तीन आतंकवादी मारे गए, जबकि एक जवान घायल हो गया। घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर कई घंटों तक तलाशी अभियान चलाया।
जमात-उल-अहरार ने ली जिम्मेदारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़ा संगठन माना जाता है, ने ली है। संगठन ने दावा किया कि हमले में उसके नौ आतंकवादी शामिल थे।
कराची हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। भारत ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि वह किसी भी तरह के झूठे और निराधार आरोप स्वीकार नहीं करेगा तथा पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई करने की अपील दोहराई है।


