बिहार कृषि विश्वविद्यालय में “मिलेट्स कॉर्नर” का उद्घाटन

जिलाधिकारी और कुलपति ने किया शुभारंभ, युवाओं और किसानों को मिलेगा लाभ

भागलपुर, 26 अगस्त 2025।बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर के खाद्य विज्ञान एवं फसलोत्तर प्रौद्योगिकी विभाग में आज “मिलेट्स कॉर्नर” का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह, भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक, निदेशक और विभागाध्यक्ष शामिल हुए।

क्या है खास?

मिलेट्स कॉर्नर में मोटे अनाजों से बने कुकीज़, केक, कपकेक जैसे आधुनिक उत्पादों के साथ-साथ स्थानीय फलों से तैयार शरबत, जेली, जैम और चटनी भी प्रदर्शित की गई। यह विश्वविद्यालय की नवाचार और बाजार-उन्मुख तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल है।

जिलाधिकारी का संदेश

जिलाधिकारी ने मिलेट्स के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“सबसे पहले मैं बीएयू को बधाई देता हूं। मिलेट्स के दस प्रकार हैं, जिनमें से कई का यहां प्रसंस्करण और उत्पादन किया जा रहा है। यह केवल स्वास्थ्यवर्धक ही नहीं, बल्कि किसानों और उद्यमियों के लिए भी नए अवसर खोलेगा। एक चिकित्सक के रूप में मैं स्ट्रॉन्गली सजेस्ट करता हूं कि आमजन को मिलेट्स को अपने खानपान में शामिल करना चाहिए।”

उन्होंने सुझाव दिया कि बीएयू को सैंडिस कंपाउंड में एक स्थायी आउटलेट खोलना चाहिए, जिससे ये उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंच सकें।

कुलपति का दृष्टिकोण

कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय युवाओं, किसानों और उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण में व्यावहारिक कौशल देकर उनकी आजीविका बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विभाग की पहल

विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद वसीम सिद्दीकी ने बताया कि “मिलेट्स कॉर्नर” न सिर्फ अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करेगा बल्कि छात्रों और शिक्षकों को अपने अभिनव उत्पादों को प्रदर्शित करने का भी मंच देगा।

क्यों खास है मिलेट्स?

  • कम खाद और संसाधन में उत्पादन संभव
  • लगभग हर वातावरण में उगाया जा सकता है
  • स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक लाभकारी
  • किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक

यह पहल बिहार में स्वदेशी अनाजों के पुनरुत्थान और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।


 

  • Related Posts