BRICS सम्मेलन में पुतिन ने किया युद्ध खत्म करने का ऐलान, मगर पश्चिमी देशों पर लगाया ये बड़ा आरोप

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में चल रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने युक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा ऐलान किया है। पुतिन ने कहा कि रूस “पश्चिम द्वारा फैलाए गए युद्ध” का खात्मा करना चाहता है। पुतिन का संदेश साफ था कि वह युद्ध को खत्म तो करना चाहते हैं, मगर इसे आग पश्चिमी देशों (अमेरिका और यूरोप) ने दी है। ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल समूह के नेताओं से वीडियो लिंक के माध्यम पुतिन जुड़े हुए थे। उन्होंने यूक्रेन और पश्चिम देशों द्वारा साम्राज्यवादी नीयत से भूमि हड़पने के प्रयासों की निंदा की। उन्होंने कहा कि उनका आक्रमण, कीव और वाशिंगटन की शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों के लिए रूस द्वारा एक मजबूर प्रतिक्रिया थी। मगर वह युद्ध के खात्मे के लिए बातचीत को तैयार हैं।

पुतिन ने यूक्रेन के पूर्वी हिस्से का जिक्र करते हुए कहा, “यूक्रेन में हमारी कार्रवाई केवल एक चीज से तय होती है – डोनबास में रहने वाले लोगों के खिलाफ पश्चिम और उसके सैटेलाइटों द्वारा छेड़े गए युद्ध को खत्म करना। पुतिन ने कहा कि 2014 से यूक्रेनी सेना से लड़ रहे हैं। “मैं यह नोट करना चाहता हूं कि यह कुछ देशों द्वारा दुनिया में अपना आधिपत्य बनाए रखने की इच्छा थी,उन देशों की यही इच्छा यूक्रेन में गंभीर संकट का कारण बनी।”

पुतिन ने कहा युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत को तैयार

पुतिन ने कहा कि रूस ने बार-बार कहा है कि वह 18 महीने के युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत के लिए तैयार है , लेकिन केवल तभी जब वे यूक्रेन के लगभग पांचवें हिस्से को नियंत्रित करने वाली उसकी सेनाओं द्वारा बनाई गई “नई वास्तविकताओं” को ध्यान में रखें। यूक्रेन अपने सभी क्षेत्रों की बहाली और रूसी सैनिकों को हटाने की मांग करता है। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने रूसी राष्ट्रपति के भाषण के जवाब में कहा कि ब्रिक्स सदस्य संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेंगे। रामफोसा ने जून में भी पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के सामने अलग से एक अफ्रीकी शांति योजना प्रस्तुत की थी। बता दें कि ब्रिक्स में पुतिन उन देशों के एक मंच से बात कर रहे थे, जिन्होंने यूक्रेन में रूस की कार्रवाई की निंदा करने से परहेज किया है। इसमें ब्राजील, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका भी शामिल हैं।

गिरफ्तारी वारंट पर बिफरे पुतिन

राष्ट्रपति पुतिन ब्रिक्स को मजबूत करने औरक अमेरिकी प्रभुत्व को कम करने को लेकर बात कर रहे थे। मार्च में अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) द्वारा यूक्रेन में युद्ध अपराधों का आरोप लगाते हुए पुतिन के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। इसके कारण वह व्यक्तिगत रूप से शिखर सम्मेलन में भाग लेने में असमर्थ थे। रूस ने यूक्रेन के आरोप को अपमानजनक बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि इस कदम का कोई कानूनी अर्थ नहीं है, क्योंकि वह आईसीसी का सदस्य नहीं है। हालांकि, दक्षिण अफ़्रीका एक सदस्य है, जिसका अर्थ है कि यदि वह वहाँ गया होता तो उसे गिरफ्तार करना बाध्य होता। राष्ट्रपति पुतिन ने बुधवार को ब्रिक्स नेताओं के एक शिखर सम्मेलन में रूस को यूक्रेन युद्ध का बचाव करने और अमेरिकी वैश्विक प्रभुत्व के प्रति संतुलन के रूप में समूह की प्रशंसा करने के लिए प्रस्तुत किया।

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