मुजफ्फरपुर | 09 मार्च, 2026:बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से कानून को ठेंगा दिखाने वाली एक सनसनीखेज तस्वीर सामने आई है। औराई थाना क्षेत्र के एक गांव में ग्रामीणों ने ‘ऑन द स्पॉट’ फैसला सुनाते हुए एक युवक को ऐसी अमानवीय सजा दी, जिसने सभ्य समाज को शर्मसार कर दिया है। एक नवविवाहिता से छेड़खानी के आरोप में पकड़े गए युवक का न केवल आधा सिर और मूंछ मुंडवा दी गई, बल्कि उसके चेहरे पर कालिख पोतकर उसे पूरे गांव में तमाशा बनाकर घुमाया गया।
भीड़ बनी जज, जली कानून की धज्जियां
घटना मुजफ्फरपुर के औराई इलाके की है, जहाँ एक ही गांव के रहने वाले युवक और पीड़िता के बीच उपजे विवाद ने हिंसक और अपमानजनक मोड़ ले लिया।
- आरोप: ग्रामीणों का दावा है कि युवक ने गांव की ही एक नवविवाहिता के साथ छेड़खानी की थी, जिसके बाद उसे रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
- पंचायत का फरमान: पुलिस को सूचना देने के बजाय ग्रामीणों ने खुद ही ‘अदालत’ लगा दी। भीड़ के उन्माद के बीच युवक को पकड़कर उसका आधा सिर और मूंछ साफ कर दी गई।
- अपमान का वीडियो: इस शर्मनाक कृत्य का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक कालिख पुते चेहरे के साथ गलियों में घूमता दिख रहा है और लोग तमाशबीन बने हुए हैं।
दागी रहा है युवक का इतिहास!
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस युवक को यह सजा दी गई है, उसकी छवि इलाके में पहले से ही विवादित रही है।
- पुरानी रंजिश और अपराध: बताया जा रहा है कि कुछ साल पहले इसी युवक पर एक पूर्व पंचायत समिति सदस्य और वर्तमान मुखिया पर हथियार तानने का भी आरोप लगा था। उस समय भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शायद इसी पुराने आक्रोश ने ग्रामीणों को इस हद तक कानून हाथ में लेने के लिए उकसाया।
पुलिस की चेतावनी: “कानून हाथ में लेना अपराध है”
मामला सोशल मीडिया पर छाने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मची है। डीएसपी पूर्वी अलय वत्स ने इस घटना पर कड़ा संज्ञान लिया है।
”वायरल वीडियो हमारे संज्ञान में आया है और औराई थाना पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। किसी भी व्यक्ति या पंचायत को यह अधिकार नहीं है कि वह कानून अपने हाथ में ले और किसी को ऐसी सजा दे। यदि यह तालिबानी सजा देने की बात सही पाई जाती है, तो वीडियो में दिख रहे और उकसाने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” — अलय वत्स, डीएसपी पूर्वी
VOB का नजरिया: इंसाफ या अराजकता?
छेड़खानी एक गंभीर अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है, लेकिन समाज का इस तरह ‘जज’ बन जाना और किसी का मान-मर्दन करना सीधे तौर पर अराजकता को बढ़ावा देना है। मुजफ्फरपुर की यह घटना दर्शाती है कि लोगों का पुलिस और न्याय व्यवस्था पर भरोसा कम हो रहा है, या फिर भीड़ की मानसिकता में क्रूरता हावी हो रही है। अगर युवक अपराधी था, तो उसे पुलिस के हवाले करना चाहिए था। इस तरह की ‘तालिबानी सजा’ से अपराध खत्म नहीं होते, बल्कि प्रतिशोध की एक नई आग पैदा होती है।


