पासपोर्ट की टेंशन होगी खत्म! पटना में 11 मार्च को सजेगी ‘पासपोर्ट अदालत’; 6 महीने से लटके 900 आवेदनों पर होगा सीधा फैसला

पटना | 09 मार्च, 2026 : बिहार के उन हजारों लोगों के लिए राहत भरी खबर है जिनका पासपोर्ट या पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC) आवेदन महीनों से कछुआ चाल चल रहा है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (RPO), पटना ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘पासपोर्ट अदालत’ के आयोजन का एलान किया है। 11 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली इस विशेष अदालत का मकसद उन आवेदनों का निपटारा करना है जो पिछले 6 महीने से अधिक समय से लंबित पड़े हैं।

900 आवेदकों को बुलावा: अधिकारियों से होगा सीधा संवाद

​क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय ने इस अदालत के लिए 900 से अधिक ऐसे आवेदकों को आमंत्रित किया है जिनके मामले तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से फंसे हुए हैं।

  • आमने-सामने की बात: पासपोर्ट अदालत के दौरान क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी खुद मौजूद रहेंगे। वे न केवल लंबित मामलों का निपटारा करेंगे, बल्कि आवेदकों से बिहार के 39 पासपोर्ट केंद्रों पर मिलने वाली सेवाओं के बारे में ‘फीडबैक’ भी लेंगे।
  • तत्काल समाधान: जिन मामलों में दस्तावेजीकरण या पुलिस सत्यापन की समस्या होगी, उन्हें ऑन-द-स्पॉट सुलझाने की कोशिश की जाएगी। यदि कोई मामला तुरंत हल नहीं हो पाता, तो आवेदक को स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि उन्हें आगे कौन सा कदम उठाना है।

साथ लाना न भूलें ये जरूरी दस्तावेज

​पासपोर्ट अदालत में भाग लेने वाले आवेदकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फाइल की तेजी से समीक्षा के लिए निम्नलिखित चीजें साथ रखें:

  • आमंत्रण पत्र: क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा भेजा गया ई-मेल या पत्र।
  • फाइल नंबर: आवेदन संदर्भ संख्या (ARN)।
  • ओरिजिनल पेपर्स: पासपोर्ट या पीसीसी आवेदन से संबंधित सभी मूल (Original) दस्तावेज।

“नागरिक प्रथम” दृष्टिकोण और शिकायत निवारण

​यह पहल विदेश मंत्रालय के ‘पासपोर्ट सेवा प्रोजेक्ट’ के तहत “नागरिक प्रथम” (Citizens’ First) नीति का हिस्सा है। आरपीओ पटना ने इसके अलावा भी कई हेल्पलाइन और संपर्क तंत्र स्थापित किए हैं:

    • Meet the RPO: जटिल मामलों के लिए सीधे अधिकारी से संवाद करने की सुविधा।
    • पूछताछ नियुक्तियां: पटना कार्यालय द्वारा प्रतिदिन 300 इन्क्वायरी अपॉइंटमेंट (बुधवार को 25) दिए जाते हैं।
    • हेल्पलाइन: लोग फोन (0612-2223267) या ई-मेल ([email protected]) के जरिए भी अपनी फाइलों का स्टेटस जान सकते हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया हैंडल @Rpopatna पर भी सक्रिय संवाद किया जा रहा है।

VOB का नजरिया: कतार से समाधान तक का सफर

पासपोर्ट बनवाना अक्सर आम आदमी के लिए एक जटिल प्रक्रिया बन जाता है, खासकर जब मामला वेरिफिकेशन या कागजों की कमी में फंस जाए। आरपीओ पटना की यह ‘अदालत’ सरकारी तंत्र की संवेदनशीलता को दर्शाती है। 900 लोगों को बुलाकर उनके मुद्दों को सुनना यह बताता है कि विभाग अब केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर समाधान ढूंढ रहा है। बिहार जैसे राज्य में, जहाँ बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए विदेश जाते हैं, पासपोर्ट सेवाओं में यह पारदर्शिता और तेजी राज्य की प्रगति में सहायक होगी।

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