मुंगेर में गैस के लिए आक्रोशित भीड़ ने रोकी DIG की गाड़ी, जमालपुर में पुलिस का लाठीचार्ज और दो गिरफ्तार

जमालपुर (मुंगेर)। 08 अप्रैल 2026 : बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर में मंगलवार की सुबह रसोई गैस (LPG) की किल्लत ने उग्र रूप अख्तियार कर लिया। ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र के एसबीआई रोड पर गैस सिलेंडर न मिलने से नाराज उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और सड़क रणक्षेत्र में तब्दील हो गई। प्रदर्शनकारियों ने न केवल घंटों सड़क जाम रखी, बल्कि इस दौरान वहां से गुजर रहे मुंगेर डीआईजी (DIG) के काफिले को भी रोक लिया। स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं, जिसमें अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

​सिलेंडर की किल्लत और फूटता गुस्सा: एसबीआई रोड पर घंटों लगा रहा जाम

​घटना की शुरुआत मंगलवार सुबह करीब 9 बजे हुई, जब जमालपुर की एक स्थानीय गैस एजेंसी पर सैकड़ों उपभोक्ता सिलेंडर लेने पहुंचे थे। पिछले कई दिनों से गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों में पहले से ही भारी आक्रोश था। जब एजेंसी कर्मियों ने सिलेंडर स्टॉक खत्म होने की बात कही, तो उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा।

  • सड़क जाम: देखते ही देखते सैकड़ों पुरुषों और महिलाओं ने खाली सिलेंडरों को सड़क के बीचों-बीच रखकर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया।
  • DIG की गाड़ी घेरी: इसी दौरान मुंगेर के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) का वाहन वहां से गुजर रहा था। प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और नारेबाजी शुरू कर दी। सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही।

​पुलिसिया कार्रवाई: लाठीचार्ज और दो की गिरफ्तारी

​सूचना मिलते ही ईस्ट कॉलोनी थाना की पुलिस भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुँची। थानाध्यक्ष वीरभद्र सिंह ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ शांत होने के बजाय और उग्र हो गई। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और नोकझोंक बढ़ने पर पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए ‘हल्का बल प्रयोग’ (लाठीचार्ज) किया। लाठीचार्ज होते ही प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे।

​थानाध्यक्ष ने बताया कि शांति भंग करने और पुलिस कार्य में बाधा डालने के आरोप में दो लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया है:

  1. सोनी देवी: पति संतोष कुमार, निवासी- दशरथपुर (धरहरा)।
  2. रूपेश कुमार: पिता शंकर रजक, निवासी- सारोबाग (धरहरा)।

​गैस एजेंसी के कर्मचारी हुए फरार

​हंगामे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गैस एजेंसी के कर्मचारी और प्रबंधक अपने दफ्तर में ताला लगाकर मौके से फरार हो गए। उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी द्वारा सिलेंडरों की कालाबाजारी की जा रही है और जरूरतमंदों को घंटों लाइन में लगाने के बाद खाली हाथ लौटा दिया जाता है।

​दोपहर बाद पुलिस की कड़ी सुरक्षा और आपूर्ति बहाल करने के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ। हालांकि, इलाके में अभी भी तनाव बना हुआ है और पुलिस की गश्ती बढ़ा दी गई है।

​बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष

​जमालपुर की यह घटना प्रशासन की विफलता को दर्शाती है, जहाँ एक बुनियादी जरूरत (रसोई गैस) के लिए आम जनता को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है और अंततः लाठियां खानी पड़ रही हैं। डीआईजी जैसे उच्चाधिकारी की गाड़ी रोकना यह बताता है कि जनता का आक्रोश किस स्तर तक पहुँच चुका है।

​अब देखना यह है कि जिला प्रशासन गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है और गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया क्या रुख लेती है।

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