बिहार के शहरी निकायों ने रचा नया रिकॉर्ड: एक साल में 908 करोड़ से अधिक राजस्व संग्रहण, होल्डिंग टैक्स में 106% उपलब्धि

पटना, बिहार में शहरी निकायों की वित्तीय स्थिति लगातार मजबूत होती जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य के नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों ने राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान होल्डिंग टैक्स समेत कुल 908 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व संग्रहित किया गया, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी को दर्शाता है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि शहरी प्रशासन में पारदर्शिता, तकनीकी सुधार और बेहतर प्रबंधन का परिणाम है।

होल्डिंग टैक्स में लक्ष्य से अधिक वसूली

राज्य के कुल 19 नगर निगम, 89 नगर परिषद और 156 नगर पंचायतों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में केवल होल्डिंग टैक्स से ही 565 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई।

गौरतलब है कि विभाग ने होल्डिंग टैक्स से 533 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसे पार करते हुए 106 प्रतिशत की उपलब्धि दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि कर संग्रहण की व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित हुई है।

पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी वृद्धि

अगर पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 से तुलना करें तो इस बार राजस्व संग्रहण में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला है।
पिछले वर्ष कुल राजस्व संग्रहण 432 करोड़ रुपये था, जबकि केवल होल्डिंग टैक्स से 290 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।

इस बार के आंकड़े यह स्पष्ट करते हैं कि राज्य में कर संग्रहण की प्रक्रिया में व्यापक सुधार हुआ है और नागरिकों की भागीदारी भी बढ़ी है।

डिजिटल व्यवस्था और पारदर्शिता का असर

मंत्री ने बताया कि विभाग द्वारा ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था, समयबद्ध कर निर्धारण और नियमित मॉनिटरिंग जैसे कदम उठाए गए हैं, जिससे कर संग्रहण प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है, बल्कि लोगों के लिए टैक्स भुगतान भी आसान हुआ है।

मजबूत वित्तीय आधार से मिलेगा विकास को बल

विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि शहरी निकायों की मजबूत वित्तीय स्थिति राज्य के समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। बढ़ा हुआ राजस्व अब शहरों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में उपयोग किया जाएगा।

इसमें सड़क निर्माण, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

नागरिकों और कर्मियों की भूमिका अहम

मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे समय पर अपने करों का भुगतान करें, ताकि शहरी सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बिहार के शहरी निकाय राजस्व संग्रहण के नए मानक स्थापित करेंगे और राज्य को आधुनिक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित शहरी ढांचे की दिशा में आगे बढ़ाएंगे।

  • ये भी पढ़े..

    भागलपुर में मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप, आंख में मिर्च पाउडर डाल युवक पर लाठी-पाइप से हमला

    Share Add as a preferred…

    बांका के स्कूल हॉस्टल में सनसनी, बाथरूम में गंभीर हालत में मिला 8 वर्षीय छात्र, चाकू से हमले की आशंका

    Share Add as a preferred…