आर्थिक सर्वे: बिहार बना देश का ग्रोथ इंजन, राष्ट्रीय औसत से तेज रफ्तार
वित्त मंत्री बोले—बड़े राज्यों में दूसरे नंबर पर बिहार, उद्योग-निर्माण बना विकास का इंजन
पटना।वैश्विक मंदी, महंगाई और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी बिहार ने अपनी रफ्तार नहीं खोई। आर्थिक सर्वे 2024-25 के मुताबिक बिहार आज देश के सबसे तेज गति से बढ़ने वाले राज्यों में शामिल हो गया है। राज्य की विकास दर न केवल मजबूत बनी हुई है, बल्कि राष्ट्रीय औसत से भी कहीं आगे निकल चुकी है।
सोमवार को बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने आर्थिक सर्वे पेश किया। इसके बाद विधानसभा परिसर के वाचनालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने कहा—
“बड़े राज्यों में बिहार आर्थिक विकास दर के मामले में दूसरे स्थान पर है। पहले नंबर पर तमिलनाडु है।”
राष्ट्रीय औसत से तेज बिहार की ग्रोथ
- बिहार की विकास दर (वर्तमान मूल्य पर): 13.1%
- राष्ट्रीय औसत: 9.8%
यानी बिहार की अर्थव्यवस्था देश की औसत रफ्तार से भी तेज दौड़ रही है।
जीएसडीपी में बड़ी छलांग
वर्ष 2024-25 के त्वरित अनुमान के अनुसार—
- स्थिर मूल्य (2011-12):
जीएसडीपी = ₹5,31,372 करोड़
वृद्धि दर = 8.6% - वर्तमान मूल्य:
जीएसडीपी = ₹9,91,997 करोड़
वृद्धि दर = 13.1%
यह आंकड़े बताते हैं कि राज्य की आर्थिक क्षमता लगातार मजबूत हो रही है।
प्रति व्यक्ति आय में 10% से ज्यादा उछाल
- 2021-22: ₹46,412
- 2023-24: ₹68,624
- 2024-25: ₹76,490
सिर्फ एक साल में करीब ₹8,000 की बढ़ोतरी, यानी 10% से ज्यादा का उछाल—जो आम लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार का संकेत है।
उद्योग और निर्माण बना विकास का इंजन
बिहार की तेज ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ा कारण द्वितीय क्षेत्र (उद्योग व निर्माण) रहा है।
- द्वितीय क्षेत्र का योगदान
2021-22: 21.1%
2024-25: 26.8%
निर्माण क्षेत्र में उछाल
- निर्माण: 9.1% से बढ़कर 15.1%
- बिजली, गैस, जलापूर्ति व अन्य सेवाएं: 2.1% से बढ़कर 2.7%
यह साफ करता है कि बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और निर्माण क्षेत्र तेजी से बढ़ रहे हैं।
बिहार की नई पहचान
कभी पिछड़ेपन की चर्चा में रहने वाला बिहार अब तेज ग्रोथ, बढ़ती आय और मजबूत उद्योग के साथ देश के आर्थिक नक्शे पर नई पहचान बना रहा है। आर्थिक सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि राज्य अब सिर्फ संभावनाओं का नहीं, बल्कि विकास की हकीकत का नाम बन चुका है।


