भागलपुर में DM ने खुद खाई फाइलेरिया की गोली: बोले- मैं डॉक्टर हूं, कोई साइड इफेक्ट नहीं; 28 फरवरी तक चलेगा अभियान, अफवाहों पर न दें ध्यान

भागलपुर | “मैं खुद एक डॉक्टर (MBBS) हूं और आपको भरोसा दिलाता हूं कि यह दवा पूरी तरह सुरक्षित है।” यह बात भागलपुर के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मंगलवार (10 फरवरी 2026) को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत करते हुए कही।

1. पहले खुद खाई, फिर जनता से की अपील

​समीक्षा भवन में आयोजित कार्यक्रम में डीएम ने एक मिसाल पेश की।

  • शुरुआत: डीएम ने सबसे पहले खुद फाइलेरिया की दवा खाई। उनके साथ डीडीसी (DDC) प्रदीप कुमार सिंह, सिविल सर्जन और अन्य जिलास्तरीय अधिकारियों ने भी मौके पर ही दवा का सेवन किया।
  • संदेश: डीएम ने कहा कि जब जिले का मुखिया और डॉक्टर खुद दवा खा रहा है, तो आम जनता को डरने की कोई जरूरत नहीं है।

2. अफवाहों का ‘ऑपरेशन’: पिछले साल की गलती न दोहराएं

​डीएम ने पिछले साल फैली अफवाहों पर भी खुलकर बात की।

  • भरोसा: उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दवा को लेकर कुछ गलतफहमियां फैलाई गई थीं, जो पूरी तरह बेबुनियाद थीं।
  • फैक्ट: उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दवा का कोई साइड इफेक्ट (Side Effect) नहीं है। अगर हमें देश और भागलपुर को इस लाइलाज बीमारी से आज़ादी दिलानी है, तो यह कड़वी गोली खानी ही होगी।

3. किसे खानी है और किसे नहीं?

​डीएम ने एक डॉक्टर की हैसियत से दवा खाने के नियम भी समझाए।

  • कब तक: यह अभियान पूरे जिले में 10 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक चलेगा।
  • परहेज: डीएम ने बताया कि 2 साल से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर बाकी सभी लोगों को यह दवा खानी अनिवार्य है।
  • कैसे: दवा कभी भी खाली पेट न खाएं।

अपील: प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वास्थ्यकर्मी जब आपके घर आएं, तो उनके सामने ही दवा खाएं और फाइलेरिया मुक्त भागलपुर बनाने में सहयोग करें।

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