भागलपुर में फर्जी आईपीएस बन ठेकेदार से तीन लाख की ठगी, साइबर थाना में केस दर्ज

सीआरपीएफ अफसर बनकर किया कॉल, घरेलू सामान बेचने के नाम पर उड़ाए रुपए

भागलपुर | भागलपुर के बरारी थाना क्षेत्र निवासी एक ठेकेदार पंकज कुमार से फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर एक साइबर ठग ने तीन लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। मामले की शिकायत पीड़ित ने भागलपुर साइबर थाना में दर्ज कराई है।


फेसबुक पर जाल बिछाया, फिर फोन पर किया विश्वास हासिल

पीड़ित पंकज कुमार ने बताया कि उन्हें फेसबुक पर भागलपुर में पूर्व में तैनात एक आईपीएस अधिकारी की फर्जी आईडी से मैसेज आया। चूंकि वे उस अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से जानते थे, उन्होंने बिना शक किए अपना मोबाइल नंबर साझा कर दिया

कुछ देर बाद “सीआरपीएफ का अधिकारी” बनकर एक व्यक्ति ने सुमित नाम से कॉल किया और बताया कि उसका तबादला जम्मू हो गया है। उसने दावा किया कि उसके पास घर के उपयोग का काफी सामान है, जिसे वह 1.20 लाख रुपये में देना चाहता है।


दोस्त के फोनपे से भी किए भुगतान

पीड़ित ने उसकी बातों पर विश्वास कर, अपने दो अलग-अलग फोनपे नंबरों से और एक मित्र के फोन से भी भुगतान किया। कुल मिलाकर तीन लाख से अधिक रुपये ठग को ट्रांसफर कर दिए गए।

जब ठग ने बार-बार और पैसे की मांग शुरू की, तब जाकर पंकज को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।


साइबर पुलिस जांच में जुटी

भागलपुर साइबर थाना ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि यह एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड गिरोह की हरकत हो सकती है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहा है।


सावधानी बरतें:
साइबर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति से प्राप्त संदेशों, कॉल्स या पैसों की मांग को लेकर सतर्क रहें और पहले सत्यापन करें, फिर ही कोई व्यक्तिगत जानकारी साझा करें या भुगतान करें।


Voice of Bihar आपसे अपील करता है कि यदि आप भी ऐसी किसी धोखाधड़ी के शिकार हों तो तुरंत नजदीकी साइबर थाना या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज कराएं।


 

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