पश्चिम एशिया संकट का असर: बिहार में बना हाई-लेवल Crisis Management Group, जरूरी वस्तुओं की सप्लाई पर रहेगी पैनी नजर

पटना, 28 मार्च 2026: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और उससे पैदा हुई वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए बिहार सरकार ने राज्य में संभावित असर से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है। आपदा प्रबंधन विभाग की पहल पर राज्य में एक उच्च स्तरीय Crisis Management Group (CMG) का गठन किया गया है, जो आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता से लेकर प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा तक सभी अहम पहलुओं की निगरानी करेगा।

सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण आपूर्ति श्रृंखला और बाजार व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में राज्य स्तर पर समय रहते समन्वित रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया है।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में करेगा काम

यह हाई-लेवल समूह मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में कार्य करेगा। इसमें राज्य के कई महत्वपूर्ण विभागों के शीर्ष अधिकारी शामिल किए गए हैं, ताकि हर स्तर पर त्वरित निर्णय और प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।

समूह में विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक के साथ-साथ कृषि, स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, सहकारिता, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, ऊर्जा, परिवहन और आपदा प्रबंधन विभागों के प्रधान सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल हैं।

खाद्य विभाग को मिली नोडल जिम्मेदारी

सरकार ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस समूह का नोडल विभाग बनाया है। इसका मुख्य दायित्व राज्य में जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखना और आपूर्ति श्रृंखला की लगातार निगरानी करना होगा।

इसके साथ ही समूह प्रवासी श्रमिकों की स्थिति पर भी नजर रखेगा, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में उन्हें तुरंत सहायता प्रदान की जा सके।

रणनीति बनाकर तत्काल होगा क्रियान्वयन

Crisis Management Group का मुख्य उद्देश्य संभावित संकट से निपटने के लिए एक ठोस और समन्वित रणनीति तैयार करना है। इसमें खाद्यान्न, ईंधन, दवाइयों और अन्य आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखना प्राथमिकता होगी।

साथ ही, यदि वैश्विक परिस्थितियों का सीधा असर राज्य पर पड़ता है, तो उसके समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

30 मार्च को पहली बैठक, जिलों से सीधा संवाद

इस समूह की पहली बैठक 30 मार्च 2026 को अपराह्न 4 बजे मुख्य सचिव के कार्यालय में आयोजित की जाएगी। इसके तुरंत बाद शाम 5 बजे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिला पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी।

इस बैठक का उद्देश्य राज्यभर में एक समान रणनीति लागू करना और जमीनी स्तर पर समन्वय को मजबूत करना है, ताकि किसी भी स्थिति में प्रशासन तुरंत सक्रिय हो सके।

जरूरत पड़ने पर और विभाग होंगे शामिल

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिस्थितियों के अनुसार भविष्य में अन्य विभागों को भी इस समूह में शामिल किया जा सकता है। इससे किसी भी प्रकार की चुनौती का सामना करने के लिए व्यापक और लचीला तंत्र तैयार रहेगा।

सतर्कता और तैयारी का संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम सरकार की सतर्कता और दूरदर्शिता को दर्शाता है। समय रहते ऐसी व्यवस्था तैयार करना राज्य को संभावित संकटों से बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

बिहार सरकार का यह प्रयास न केवल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आम जनता और प्रवासी श्रमिकों के हितों की रक्षा भी सुनिश्चित करेगा।

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