
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने नगर परिषद के लेखपाल मनीष कुमार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति मामले में दर्ज केस के बाद ईओयू ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। जांच में अब तक करोड़ों रुपये की संदिग्ध संपत्ति का खुलासा हुआ है।
EOU की टीम ने न्यायालय के आदेश पर मनीष कुमार के आवास की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान दो जमीनों के दस्तावेज समेत कई महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के समय उनकी पत्नी, मां और बेटे मौजूद थे। हालांकि इस कार्रवाई के दौरान मनीष कुमार की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
डीएसपी सीपी यादव ने बताया कि मनीष कुमार को नोटिस जारी कर 15 जून को जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। वहीं संबंधित मामले में एक ठेकेदार के यहां भी ईओयू की टीम पहुंची थी, लेकिन वहां से कोई विशेष बरामदगी नहीं हुई।
208.57% अधिक संपत्ति का खुलासा
ईओयू की प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी के मुताबिक मनीष कुमार ने अपनी वैध आय के मुकाबले करीब 2 करोड़ 2 लाख 31 हजार 500 रुपये की अतिरिक्त संपत्ति अर्जित की है। यह उनकी ज्ञात आय से लगभग 208.57 प्रतिशत अधिक है।
इसी आधार पर थाना कांड संख्या 10/26 के तहत मनीष कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया है। अब ईओयू उनकी चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और निवेश की विस्तृत जांच कर रही है।
अनुकंपा पर मिली थी नौकरी
जानकारी के अनुसार मनीष कुमार की नियुक्ति वर्ष 2008 में अनुकंपा के आधार पर हुई थी। पिता की मृत्यु के बाद उन्हें नगर परिषद में नौकरी मिली थी। पिछले 10 से 12 वर्षों से वे लेखपाल के पद पर कार्यरत हैं।
सोमवार को होगी पेशी
ईओयू ने मनीष कुमार को सोमवार को मुजफ्फरपुर कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। जांच एजेंसी अब उनकी संपत्ति के स्रोत, जमीन खरीद, बैंक लेन-देन और अन्य वित्तीय गतिविधियों की पड़ताल करेगी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के बाद मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


