IIT पटना कैंपस में दर्दनाक हादसा, क्रिकेट खेलते समय छात्र की करंट लगने से मौत

बिहार की राजधानी पटना स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) पटना के परिसर में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे कैंपस को झकझोर कर रख दिया। क्रिकेट खेलते समय कथित रूप से बिजली के खंभे के संपर्क में आने से करंट लगने के कारण एक छात्र की मौत हो गई। घटना के बाद संस्थान परिसर में हड़कंप मच गया और छात्रों के बीच शोक का माहौल फैल गया। मृतक छात्र की पहचान बीटेक चौथे वर्ष के छात्र हर्षित राज के रूप में हुई है, जो मूल रूप से तेलंगाना के चंदन नगर का रहने वाला था।

जानकारी के अनुसार यह हादसा शनिवार सुबह करीब छह बजे हुआ। बताया जा रहा है कि हर्षित राज अन्य छात्रों के साथ कैंपस में क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान वह कथित रूप से एक बिजली के खंभे के संपर्क में आ गया, जिससे उसे तेज करंट लग गया। करंट लगते ही वह मैदान में ही बेहोश होकर गिर पड़ा।

घटना के बाद वहां मौजूद अन्य छात्रों और सुरक्षा कर्मियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। साथी छात्रों ने तुरंत संस्थान प्रशासन और सुरक्षा विभाग को सूचना दी। इसके बाद गंभीर हालत में छात्र को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। उसे इलाज के लिए नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की पुष्टि करते हुए दानापुर-2 के डीएसपी अमरेन्द्र कुमार झा ने बताया कि छात्र को अस्पताल पहुंचाया गया था, लेकिन चिकित्सकों ने उसे बचाया नहीं जा सका। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर छात्र किस परिस्थिति में बिजली के संपर्क में आया।

आईआईटी पटना के सुरक्षा प्रभारी दीपक कुमार चौरसिया ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि सुबह के समय छात्र कैंपस में क्रिकेट खेल रहा था। इसी दौरान उसे बिजली का झटका लगा और वह अचानक बेहोश हो गया। घटना के तुरंत बाद उसे अस्पताल ले जाया गया।

हादसे के बाद संस्थान प्रशासन ने छात्र के परिवार को सूचना दे दी है। अम्हारा थाना पुलिस और आईआईटी प्रशासन दोनों की ओर से परिजनों से संपर्क किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही छात्र के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

आईआईटी पटना जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्र और अभिभावक यह जानना चाहते हैं कि आखिर कैंपस के भीतर ऐसी स्थिति कैसे बनी, जहां एक छात्र बिजली के संपर्क में आ गया। कई छात्रों ने परिसर में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग की है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद कुछ समय के लिए पूरा परिसर स्तब्ध हो गया। कई छात्र भावुक नजर आए और मृतक छात्र को याद करते हुए शोक व्यक्त किया। हर्षित राज को एक मेहनती और मिलनसार छात्र बताया जा रहा है। उसके साथी छात्रों का कहना है कि वह पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों में भी सक्रिय रहता था।

शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की घटनाएं छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए चिंता का विषय बन जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े शैक्षणिक परिसरों में बिजली, खेल मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं की नियमित तकनीकी जांच बेहद जरूरी होती है। यदि किसी बिजली के खंभे या उपकरण में करंट का रिसाव था तो यह गंभीर लापरवाही का मामला हो सकता है।

फिलहाल पुलिस और संस्थान प्रशासन दोनों मामले की जांच में जुटे हैं। तकनीकी टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या बिजली के खंभे में कोई खराबी थी या किसी अन्य कारण से यह हादसा हुआ। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण भी किया है और वहां मौजूद छात्रों से पूछताछ की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खेल मैदानों और सार्वजनिक क्षेत्रों में लगे बिजली उपकरणों की समय-समय पर जांच जरूरी है। खासकर ऐसे संस्थानों में जहां हजारों छात्र रहते हैं, वहां सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की चूक गंभीर परिणाम ला सकती है।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने दुख जताया है। कई छात्रों और पूर्व छात्रों ने हर्षित राज को श्रद्धांजलि देते हुए संस्थान में बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि तकनीकी संस्थानों में सुरक्षा ऑडिट नियमित रूप से होना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

आईआईटी पटना प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार संस्थान इस पूरे मामले की आंतरिक जांच भी कर सकता है। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित एजेंसियों या जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा।

मृतक छात्र के दोस्तों और सहपाठियों के लिए यह घटना बेहद भावुक करने वाली है। कई छात्रों ने कहा कि सुबह तक जो दोस्त उनके साथ मैदान में मौजूद था, कुछ ही देर बाद उसकी मौत की खबर सुनना बेहद दुखद और अविश्वसनीय था।

इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि देश के बड़े शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों की निगरानी कितनी प्रभावी है। छात्रों की सुरक्षा केवल शैक्षणिक व्यवस्था तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि परिसर के हर हिस्से में तकनीकी और भौतिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है।

फिलहाल हर्षित राज की मौत से पूरे आईआईटी पटना परिसर में शोक का माहौल है। छात्र, शिक्षक और प्रशासनिक अधिकारी सभी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं। संस्थान के कई छात्रों ने मृतक छात्र को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक सभा आयोजित करने की भी बात कही है।

आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और क्या इसे रोका जा सकता था। लेकिन फिलहाल यह घटना पूरे शैक्षणिक समुदाय के लिए गहरे दुख और चिंता का विषय बन चुकी है।

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