“बिहार की सेवा में लगा रहूंगा!” राज्यसभा जीत के बाद भावुक हुए नितिन नवीन; बोले— यह 14 करोड़ जनता की जीत है, 5 राज्यों में दिखेगा असर

HIGHLIGHTS

  • बड़ी जीत: राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद भाजपा नेता नितिन नवीन ने जताया पीएम मोदी और केंद्रीय नेतृत्व का आभार।
  • भावुक संदेश: पहली बार सांसद चुने जाने पर कहा— “यह जीत मेरी नहीं, बिहार के हर नागरिक की है।”
  • NDA की ताकत: जीत को एकजुटता का परिणाम बताते हुए आगामी 5 राज्यों के चुनाव के लिए शुभ संकेत बताया।
  • बधाइयों का तांता: डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी समेत कई दिग्गज नेता पहुंचे बधाई देने।

पटना | 17 मार्च, 2026

​राज्यसभा चुनाव में एनडीए की ‘क्लीन स्वीप’ के बाद विजयी उम्मीदवारों के चेहरों पर खुशी और बिहार के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा साफ नजर आ रहा है। भाजपा के दिग्गज नेता नितिन नवीन ने अपनी जीत का प्रमाणपत्र लेने के बाद साफ कर दिया कि उनकी प्राथमिकता ‘बिहार फर्स्ट’ रहेगी। पहली बार ‘सांसदी’ की दहलीज पार करने वाले नितिन नवीन के पटना आवास पर सुबह से ही कार्यकर्ताओं और नेताओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

“पहली बार सांसदी, जिम्मेदारी बड़ी”: नितिन नवीन का पहला संबोधन

​जीत के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए नितिन नवीन काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने अपनी जीत के पीछे के ‘फॉर्मूले’ और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा की:

  • आभार: उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा सहित वरिष्ठ नेतृत्व का शुक्रिया अदा किया।
  • बिहार का संकल्प: उन्होंने कहा, “मैं पटना और बिहार का बेटा हूं। दिल्ली जाकर भी मेरी प्राथमिकता अपने राज्य की सेवा करना और विकास की गति को तेज करना ही होगा।”
  • एनडीए की एकजुटता: उन्होंने दावा किया कि बिहार के एनडीए विधायकों ने जो एकजुटता दिखाई है, वह 2025-26 की बड़ी लड़ाई का ट्रेलर है।

जश्न का माहौल: आवास से लेकर पार्टी दफ्तर तक

​नितिन नवीन की जीत की खबर मिलते ही बिहार भाजपा के शीर्ष नेता सक्रिय हो गए:

  1. सम्राट चौधरी की बधाई: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद नितिन नवीन के आवास पहुंचे और उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट किया।
  2. प्रमाणपत्र और शक्ति प्रदर्शन: विधानसभा से जीत का प्रमाणपत्र लेने के बाद नितिन नवीन एक बड़े काफिले के साथ भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहाँ कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया।

राजनीतिक गलियारे की चर्चा: क्या है इस जीत के मायने?

​नितिन नवीन ने अपनी जीत को केवल बिहार तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि “यह जीत देश के उन 5 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की आहट है, जहाँ एनडीए परचम लहराने को तैयार है।” राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नितिन नवीन को दिल्ली भेजकर भाजपा ने बिहार के युवाओं और शहरी वोट बैंक को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है।

VOB का नजरिया: क्या ‘सांसद’ बनकर बिहार को मिलेगा विशेष फायदा?

​नितिन नवीन की कार्यशैली हमेशा से ‘ग्राउंड कनेक्ट’ वाली रही है। अब जब वे राज्यसभा के जरिए देश के सबसे बड़े सदन में पहुंच रहे हैं, तो उम्मीद है कि बिहार के लंबित प्रोजेक्ट्स और पटना के विकास के मुद्दों को दिल्ली के गलियारों में और भी मजबूती मिलेगी। 14 करोड़ जनता की जीत का जो दावा उन्होंने किया है, उसे अब उन्हें अपने काम से हकीकत में बदलना होगा।

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