‘मैं गांधी मैदान से नहीं भागा’, प्रशांत किशोर की सफाई, सिटी एसपी पर भड़के

बीपीएससी अभ्यर्थियों के पदर्शन को लेकर पटना में बवाल मचा हुआ है. रविवार को प्रशांत किशोर के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया. कई छात्र-छात्राएं घायल हुए. प्रशांत किशोर पर आरोप लगा कि वे लाठीचार्ज के दौरान छात्रों को छोड़कर भाग गए. अपने ऊपर लगे आरोप पर सफाई देते हुए सरकार को चेतानी दी है. कहा कि वे गांधी मैदान से नहीं भागे थे. इस दौरान सिटी एसपी पर भड़के, कहा कि किसी को नहीं छोड़ेंगे.

“लाठीचार्ज के खिलाफ हम हम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग जाएंगे. पुलिस ने हमलोगों पर प्राथमिकी की है तो मैं भी पुलिस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने जा रहा हूं. मैं किसी वर्दी और कुर्ता पाजामा वाले से डरने वाला नहीं हूं.” -प्रशांत किशोर

‘अंतिम दम तक लड़ूंगा’: प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर छात्रों की मांग नहीं मानी गई तो 2 जनवरी से अनिश्चितकाल के लिए धरना पर बैठने जा रहे हैं. कहा कि अंतिम दम तक छात्रों के समर्थन में लड़ता रहूंगा. इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी चुनाती दी.

सिटी एसपी पर लाठी चलाने का आरोप: प्रशांत किशोर पर आरोप है कि उन्होंने प्रशासन के साथ मिलकर छात्रों पर लाठी चलवायी. इसपर उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि जब तक मैं वहां खड़ा था, तब तक लाठी चार्ज नहीं हुआ. जब मैं वहां से हट गया तो मेरे हटने के 45 मिनट बाद लाठी चार्ज किया गया. उन्होंने लाठीचार्ज का ऑर्डर देने वाले पुलिस के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही है. कहा कि जो भी सिटी एसपी हैं उनके खिलाफ कोर्ट में और मानवाधिकार में केस किया जाएगा.

मुकदमा वापस लिया जाए: 700 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर कहा कि सारे बच्चों पर आपराधिक मुकदमा किया गया है. मुकदमा वापस लिया जाए. आरती मिश्रा और आनंद मिश्रा अपराधी हैं, इसका एफआईआर में कोई तथ्य नहीं है. कहा कि अफसर को इमानदारी से ड्यूटी करना पड़ेगा.

इसलिए दोबारा परीक्षा नहीं करा रही सरकार: इस दौरान उन्होंने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा. कहा कि नीतीश कुमार का करियर खत्म हो गया है. अब वे चुनाव लड़ने वाले नहीं है. साल भर में निजाम बदलेगा. नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे. सरकार पर आरोप लगाए कि आधे से ज्यादा पोस्ट पहले से बेच दिए गए हैं. हजारों करोड़ का डील हुआ है. इस वजह से सरकार दोबारा परीक्षा नहीं करना चाहती है.

रविवार को लाठीचार्ज: दरअसल, रविवार को बीपीएससी अभ्यर्थियों को प्रशांत किशोर ने गांधी मैदान में बुलाया था. गांधी मैदान में प्रमिशन नहीं मिलने के बाद भी सैंकड़ों की संख्या में छात्र पहुंचे. वहां से प्रशांत किशोर के नेृतत्व में छात्र सीएम हाउस की ओर जा रहे थे. इसी दौरान छात्रों पर लाठी चार्ज और वाटर कैनन से बौछार की गयी. लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए.

क्यों हो रहा प्रदर्शन: 13 दिसंबर को बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा हुई थी. बापू केंद्र पर प्रश्न पत्र देरी से मिलने का आरोप लगाकर छात्रों ने परीक्षा बहिष्कार कर दिया. इस दौरान खूब बवाल भी हुआ था. इसके बाद बीपीएससी ने इस केंद्र की परीक्षा रद्द कर दोबारा 4 दिसंबर को कराने का फैसला किया. छात्रों की मांग है कि एक नहीं बल्कि सभी केंद्रों की परीक्षा रद्द की जाए.

छात्रों के समर्थन में प्रशांत किशोर और शिक्षक:छात्रों के समर्थन में कोचिंग संचालक जिसमें खान सर भी शामिल थे. इसके बाद प्रशांत किशोर भी समर्थन में आ गए. पिछले 12 दिनों से पटना में बीपीएससी प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले दिनों भी छात्रों पर लाठीचार्ज की गयी थी. इसी बीच एक बार फिर रविवार को छात्रों की पिटाई के बाद मामला गर्म हो गया है.

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