भागलपुर : पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पति मुकेश राजहंस को उम्रकैद, कोर्ट ने 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया

भागलपुर, 2 अगस्त 2025: भागलपुर में वर्ष 2019 में हुई पत्नी निशा देवी की हत्या के मामले में दोषी पाए गए पति मुकेश राजहंस को शुक्रवार को भागलपुर सत्र न्यायालय की एडीजे-16 संदीप सिंह की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

सरकारी अधिवक्ता (एपीपी) विक्रम कुमार सिंह ने बताया कि अदालत ने मुकेश राजहंस को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) में दोषी पाते हुए सजा दी है। हालांकि, दहेज हत्या की धारा 304बी में उसे दोषमुक्त करार दिया गया है। यह मामला बबरगंज थाना क्षेत्र के मायागंज इलाके का है, जहां वर्ष 2019 में निशा देवी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई थी।


क्या था मामला

घटना की जानकारी निशा देवी के पिता पशुपति झा, जो मुंगेर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं और सेना से सेवानिवृत्त हैं, ने दी थी। उन्होंने 29 मार्च 2019 को मायागंज पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराया था कि 28 मार्च की रात उनके दामाद मुकेश राजहंस ने उन्हें कॉल कर कहा था कि उनकी बेटी बाथरूम में गिरकर अचेत हो गई है और उन्हें तत्काल भागलपुर आने को कहा।

जब वे मायागंज पहुंचे तो देखा कि बेटी स्ट्रेचर पर मृत पड़ी थी। उन्होंने बताया कि शव को देखने पर गले में काला निशान स्पष्ट रूप से दिख रहा था, जिससे उन्हें संदेह हुआ कि यह सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है।


दहेज के लिए किया जा रहा था दबाव

पिता ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2012 में मिरजानहाट निवासी मुकेश राजहंस के साथ उन्होंने अपनी बेटी निशा की शादी की थी। शादी के कुछ महीनों बाद से ही ससुराल वाले – पति, सास, ननद और ननदोई – दो लाख रुपये नकद और मोटरसाइकिल की मांग को लेकर बेटी पर दबाव बनाने लगे थे

उनका कहना था कि निशा जब भी इन बातों की जानकारी देती थी, वे स्वयं कई बार भागलपुर आकर ससुराल पक्ष को समझाते थे। लेकिन उत्पीड़न का सिलसिला बंद नहीं हुआ और अंततः बेटी की हत्या कर दी गई।


नन्हें बच्चों के सिर से उठा मां का साया

मृतका निशा देवी की मृत्यु के समय उसकी पांच साल की बेटी और तीन साल का बेटा था। इस दुखद घटना ने न सिर्फ एक परिवार को तोड़ दिया, बल्कि दो मासूम बच्चों को अनाथ कर दिया। परिवार का आरोप था कि ससुराल वालों ने पूरी साजिश के तहत निशा की हत्या की है।


क्या कहा कोर्ट ने

अदालत ने मुकेश राजहंस को हत्या के लिए जिम्मेदार मानते हुए सजा सुनाई है। हालांकि, दहेज हत्या से जुड़े सबूत अपर्याप्त पाए जाने के कारण उसे इस धारा में दोषमुक्त किया गया है। अदालत का यह फैसला पीड़ित परिवार को आंशिक राहत देने वाला है।


यह फैसला उन मामलों में एक मजबूत संदेश है, जहां दहेज, घरेलू हिंसा और पारिवारिक दबाव के कारण महिलाओं की जान जाती है। यह भी स्पष्ट करता है कि न्याय की प्रक्रिया देर से ही सही, लेकिन दोषियों को उनके अंजाम तक जरूर पहुंचाती है।


 

  • ये भी पढ़े..

    भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में प्रशांत किशोर का बड़ा हमला: “सिर्फ पुलिस नहीं, आदेश देने वालों की भी हो जांच”

    Share Add as a preferred…

    खान सर-रोशन आनंद विवाद में अवध ओझा की एंट्री! बोले- “मैंने पहले ही खान सर को मैसेज कर कहा था, मामला बढ़ाओ मत”

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *