वैशाली में मानवता शर्मसार: सरकारी योजना के बहाने नाबालिग को बुलाया, फिर मुखिया ने सुनसान जगह ले जाकर की हैवानियत; FIR दर्ज

द वॉयस ऑफ बिहार | वैशाली/डेस्क

​बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद घिनौनी और रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ सत्ता के रसूख और पद की मर्यादा को ताक पर रखकर एक पंचायत प्रतिनिधि ने मासूमियत को तार-तार करने की कोशिश की है। मामला बरांटी थाना क्षेत्र के काशीपुर चकबीबी पंचायत का है, जहाँ के मुखिया अर्जुन सिंह पर एक नाबालिग लड़के के साथ अप्राकृतिक यौन शोषण (Unnatural Sex) और क्रूर शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगा है।

किसान सम्मान निधि योजना के नाम पर बिछाया जाल

​पीड़ित नाबालिग ने पुलिस को दिए अपने बयान में हैवानियत की जो दास्तां सुनाई है, वह विचलित करने वाली है। घटना 9 फरवरी की शाम करीब 6 बजे की है।

  • बहाना: आरोपी मुखिया अर्जुन सिंह ने नाबालिग को ‘किसान सम्मान निधि योजना’ की जानकारी देने के बहाने बुलाया था।
  • वारदात: मुखिया उसे बहला-फुसलाकर कचड़ा भवन नहर के पास एक सुनसान इलाके में ले गया। वहाँ आरोपी ने नाबालिग के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं।
  • दरिंदगी: जब किशोर ने विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की, तो मुखिया ने उसका मुँह दबा दिया और दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए उसके गाल पर दांत से काट लिया। पीड़ित किसी तरह अपनी जान बचाकर घर पहुँचा।

पिता के आने पर टूटी चुप्पी, पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज

​घटना के समय पीड़ित के पिता घर पर नहीं थे। 12 फरवरी को उनके घर लौटने पर पीड़ित ने आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों ने ग्रामीणों के सहयोग से थाने में शिकायत दर्ज कराई।

  • कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी मुखिया के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
  • मेडिकल जांच: पुलिस ने नाबालिग की मेडिकल जांच कराई है और न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

दागी रहा है मुखिया का इतिहास: पहले भी जा चुका है जेल

​हैरानी की बात यह है कि जनता का प्रतिनिधित्व करने वाले इस मुखिया का दामन पहले से ही दागदार है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:

  1. ​आरोपी अर्जुन सिंह का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।
  2. ​उसके खिलाफ पहले से ही दो अलग-अलग आपराधिक मामले दर्ज हैं।
  3. ​वह कई संगीन जुर्मों में पहले भी जेल की हवा खा चुका है

पुलिस की कार्रवाई: फरार मुखिया की तलाश में छापेमारी

​मामले पर स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों का कहना है कि आरोपी मुखिया फिलहाल गिरफ्तारी के डर से फरार है। पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में सख्त पैरवी की जाएगी ताकि उसे कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।

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