पटना में टिफिन डिलीवरी बॉय की संदिग्ध मौत

बुद्धा कॉलोनी की ‘दूसरे मस्जिद गली’ में सन्नाटा, फंदे से लटका मिला सतीश का शव

द वॉयस ऑफ बिहार | पटना/डेस्क

​बिहार की राजधानी पटना के पॉश इलाके बुद्धा कॉलोनी से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के ‘दूसरे मस्जिद गली’ में किराए के मकान में रहने वाले एक युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान लखीसराय जिले के रहने वाले सतीश के रूप में हुई है। इस घटना ने पूरे मोहल्ले में सनसनी फैला दी है।

परिजनों की गैरमौजूदगी में वारदात; खुला रह गया दरवाजा

​सतीश पिछले डेढ़ साल से पटना में अपने परिवार के साथ रह रहा था। घटना के वक्त घर के अन्य सदस्य किसी काम से बाहर गए हुए थे।

  • समय: परिजनों के अनुसार, सतीश सुबह करीब 11 बजे अपने कमरे में गया था।
  • खुला रहस्य: जब घर के लोग वापस लौटे और कमरे में गए, तो सतीश का शव फंदे से लटका पाया गया। हैरान करने वाली बात यह रही कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद नहीं था, जो मौत की परिस्थितियों को और भी संदिग्ध बना रहा है।

लॉज-हॉस्टलों में पहुंचाता था टिफिन, मेहनत से पाल रहा था परिवार

​मृतक सतीश पटना में डिलीवरी बॉय का काम करता था। वह आसपास के होटलों से जुड़कर लॉज और हॉस्टलों में टिफिन सर्विस पहुंचाने का काम करता था। कड़ी मेहनत कर वह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। उसके जानकारों का कहना है कि वह स्वभाव से मिलनसार था, ऐसे में उसके इस आत्मघाती कदम ने सभी को हैरत में डाल दिया है।

जांच में जुटी पुलिस: नहीं मिला सुसाइड नोट

​घटना की सूचना मिलते ही बुद्धा कॉलोनी थाने के एएसआई (ASI) मनोज कुमार यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।

  • साक्ष्यों की तलाश: पुलिस ने पूरे कमरे की तलाशी ली, लेकिन मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
  • FSL टीम की एंट्री: मामले की गंभीरता और संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए फॉरेंसिक (FSL) टीम को भी बुलाया गया, जिसने मौके से फिंगरप्रिंट्स और अन्य तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए हैं।

पुलिस का बयान: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

​एएसआई मनोज कुमार यादव ने मीडिया को बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या सतीश किसी मानसिक तनाव या आर्थिक संकट से गुजर रहा था।

द वॉयस ऑफ बिहार की अपील: जीवन अनमोल है और समस्याएं क्षणिक। किसी भी मानसिक तनाव या परेशानी की स्थिति में अपने करीबियों से बात करें या हेल्पलाइन नंबरों की मदद लें।

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