भागलपुर में ‘नशा’ रोकने की मिली खौफनाक सजा! मथुरापुर में युवक की पीट-पीटकर हत्या; मुख्य आरोपी किशलय गिरफ्तार, 6 माह की गर्भवती पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल

समाचार के मुख्य बिंदु: नशामुक्त समाज की चाहत में उजड़ा एक परिवार

  • बड़ी वारदात: नाथनगर थाना क्षेत्र के मथुरापुर गांव में नशा करने का विरोध करने पर युवक रोशन कुमार की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
  • शहादत और संघर्ष: 23 मार्च की शाम को हुए हमले में गंभीर रूप से घायल रोशन ने 26 मार्च की शाम 4 बजे मायागंज अस्पताल (JLNMCH) में अंतिम सांस ली।
  • पुलिसिया प्रहार: एसएसपी भागलपुर के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मुख्य आरोपी किशलय कुमार को रंगेहाथों (निशानदेही के आधार पर) गिरफ्तार कर लिया है।
  • बरामदगी: हत्या में प्रयुक्त एक खून से सना ‘लकड़ी का डंडा’ पुलिस ने बरामद किया है।
  • भावुक कर देने वाली स्थिति: मृतक की शादी पिछले साल मई में हुई थी और उसकी पत्नी 6 महीने की गर्भवती है; घर का चिराग बुझने से कोहराम।
  • VOB इनसाइट: यह घटना दर्शाती है कि नशे के सौदागर और नशेड़ी समाज के लिए कितने बड़े खतरे बन चुके हैं, जहाँ एक टोकने वाले नागरिक को अपनी जान गंवानी पड़ी।

भागलपुर (नाथनगर) | 27 मार्च, 2026

​सिल्क सिटी भागलपुर का नाथनगर इलाका एक बार फिर खून से लाल हो गया है। एक तरफ जहां पूरा प्रदेश रामनवमी और त्योहारों के उल्लास में डूबा है, वहीं मथुरापुर गांव में एक गर्भवती पत्नी के सिंदूर और एक मां के लाडले को नशेड़ियों ने बेरहमी से छीन लिया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 23 मार्च से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे रोशन कुमार आखिरकार हार गए, लेकिन भागलपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

वारदात का ब्योरा: जब ‘विरोध’ बना काल

​घटना 23 मार्च 2026 की शाम करीब 7 बजे की है। रोशन कुमार (पिता: जमुना मंडल) अपने घर के सामने खड़ा था, तभी उसने देखा कि गांव के ही कुछ युवक—किशलय कुमार, रोहित कुमार, आशीष कुमार और गुलझारी कुमार—वहां बैठकर मादक पदार्थों का सेवन कर रहे थे। एक सजग नागरिक के तौर पर रोशन ने उन्हें वहां नशा करने से मना किया।

​यह बात नशे में धुत आरोपियों को नागवार गुजरी। आरोपियों ने लाठी, डंडा और लोहे के रॉड से रोशन पर जानलेवा हमला कर दिया। हमला इतना बेरहम था कि रोशन के सिर और शरीर के अंदरूनी अंगों में गंभीर चोटें आईं। परिजनों ने उसे तत्काल मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ तीन दिनों तक वेंटिलेटर और डॉक्टरों की निगरानी में रहने के बाद गुरुवार (26 मार्च) शाम को उसकी मौत हो गई।

पुलिस की ‘सर्जिकल’ स्ट्राइक: मुख्य आरोपी गिरफ्तार

​रोशन की मौत के बाद भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया। सिटी एसपी और एसडीपीओ सिटी-02 की निगरानी में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया।

गिरफ्तारी और कार्रवाई का विवरण:

विवरण

जानकारी

कांड संख्या

103/2026 (दिनांक 27.03.2026)

मुख्य गिरफ्तार आरोपी

किशलय कुमार (पिता: कैलाश मंडल), निवासी: मथुरापुर

फरार आरोपी

रोहित कुमार, आशीष कुमार, गुलझारी कुमार एवं 7-8 अन्य

हथियार की बरामदगी

01 लकड़ी का डंडा (वारदात में प्रयुक्त)

टीम का नेतृत्व

राजीव

पुलिस ने शुक्रवार की सुबह सघन छापेमारी कर किशलय कुमार को उसके घर से धर दबोचा। पूछताछ के दौरान उसने अपना जुर्म कबूल किया और उसी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया गया है।

आंसुओं में डूबा परिवार: अधूरी रह गई रोशन की खुशियां

​रोशन कुमार के घर की स्थिति देखकर कलेजा फट जाता है। वह चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था और पूरे परिवार की उम्मीद था।

  • गर्भवती पत्नी: रोशन की शादी 8 मई 2025 को हुई थी। अभी शादी को एक साल भी पूरा नहीं हुआ था। उसकी पत्नी 6 महीने की गर्भवती है, जिसके सिर से पिता का साया जन्म से पहले ही उठ गया।
  • भाई का फर्दबयान: मृतक के बड़े भाई चंदन कुमार ने पुलिस को दिए बयान में सभी आरोपियों को नामजद किया है और स्पीडी ट्रायल के जरिए फांसी की सजा की मांग की है।

VOB का नजरिया: क्या नशामुक्त बिहार केवल कागजों पर है?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि यह हत्या समाज के मुंह पर एक तमाचा है।

  1. अपराधियों में खौफ की कमी: नशेड़ियों की इतनी हिम्मत कि वे घर के सामने टोकने पर हत्या कर दें, यह पुलिस की गश्ती पर भी सवाल उठाता है।
  2. सजग नागरिक की सुरक्षा: यदि नशा रोकने वाले नागरिकों की ऐसी परिणति होगी, तो भविष्य में कोई भी गलत काम को टोकने की हिम्मत नहीं करेगा।
  3. कड़ी सजा की जरूरत: पुलिस ने मुख्य आरोपी को पकड़कर सराहनीय कार्य किया है, लेकिन फरार अन्य 10-12 अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और इस केस को ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ में ले जाना ही रोशन को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

निष्कर्ष: सुशासन और न्याय की मांग

​नाथनगर पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस दुखी परिवार के साथ खड़ा है और हम इस केस की पल-पल की अदालती और पुलिसिया अपडेट आप तक पहुँचाते रहेंगे।

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