
जंगल में ले जाकर रची गई साजिश, पहले बेटी का गला घोंटा फिर प्रेमी से सुसाइड नोट लिखवाकर की हत्या
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से एक दिल दहला देने वाला ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है, जिसमें एक पिता ने अपनी ही बेटी और उसके प्रेमी की साजिश के तहत हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा करीब दो महीने बाद हुआ है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी पिता और मामा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
यह पूरा मामला लौकरिया थाना क्षेत्र के मदनपुर जंगल से जुड़ा है, जहां से करीब सवा दो माह पहले एक प्रेमी युगल के कंकाल बरामद किए गए थे। शुरुआती जांच में मामला रहस्यमय था, लेकिन अब पुलिस ने इसे ऑनर किलिंग करार दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किशोरी के पिता मदन बिन और उसके मामा जितेंद्र निषाद उर्फ जीतन (उत्तर प्रदेश के खड्डा निवासी) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मदन बिन अपनी बेटी के प्रेम संबंध से बेहद नाराज था और उसने इस रिश्ते को खत्म करने के लिए खौफनाक साजिश रची।
पुलिस अधीक्षक रामानंद कौशल के अनुसार, 8 सितंबर 2025 को मदन बिन अपनी बेटी को लकड़ी और पत्ता काटने के बहाने मदनपुर जंगल ले गया। वहां पहले से ही उसका मामा और अन्य साथी मौजूद थे। योजना के तहत किशोरी से उसके प्रेमी अखिलेश यादव को फोन कर जंगल में बुलवाया गया।
बताया जाता है कि प्रेमी के पहुंचने से पहले ही आरोपियों ने किशोरी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद जब अखिलेश जंगल पहुंचा, तो उसे पकड़कर बेरहमी से पीटा गया। फिर उसे डराकर एक सुसाइड नोट लिखवाया गया, ताकि इस दोहरे हत्याकांड को आत्महत्या का रूप दिया जा सके।
इसके बाद आरोपियों ने युवक की भी गला दबाकर हत्या कर दी और दोनों शवों को पेड़ से लटका दिया। सुसाइड नोट को युवक के मोबाइल कवर में छिपा दिया गया, ताकि घटना को आत्महत्या साबित किया जा सके।
घटना के बाद खुद को बचाने के लिए आरोपी पिता ने 10 सितंबर को लड़की के अपहरण का केस युवक और उसके परिवार के खिलाफ दर्ज करा दिया। इस दौरान पुलिस ने शुरुआती जांच में युवक के परिवार को ही संदिग्ध मानकर परेशान किया।
हालांकि, युवक की मां लगातार न्याय की गुहार लगाती रही और अंततः कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की, जिसके बाद इस पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ।
करीब पांच महीने बाद, 22 जनवरी को जब कुछ लोग जंगल में लकड़ी काटने गए, तब उन्हें दोनों के कंकाल मिले। बाद में मोबाइल और चप्पलों के आधार पर उनकी पहचान की गई।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त कुप्रथाओं और तथाकथित ‘इज्जत’ के नाम पर होने वाले अपराधों की भयावह सच्चाई को उजागर करती है।


