
पटना | 28 फरवरी, 2026: रंगों के त्योहार होली पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिहार पुलिस मुख्यालय ने अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा योजना तैयार की है। डीजीपी विनय कुमार और एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने स्पष्ट कर दिया है कि होली के जश्न में हुड़दंग, बाइक रेसिंग या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
सुरक्षा का ‘ब्लूप्रिंट’: डीजीपी के सख्त निर्देश
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग: हर जिले में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो प्रत्येक 2-2 घंटे पर मुख्यालय को ‘खैरियत’ रिपोर्ट भेजेंगे।
- संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर: पिछले 3 वर्षों के अपराध आंकड़ों की समीक्षा कर उन स्थानों को चिह्नित किया गया है जहाँ पूर्व में तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी।
- सांप्रदायिक सौहार्द: दो समुदायों के बीच होने वाली किसी भी छोटी घटना को भी गंभीरता से लेने और तत्काल विधि-सम्मत समाधान सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।
- वरीय अधिकारियों की मौजूदगी: किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में जिले के वरीय पदाधिकारियों को स्वयं तत्काल घटनास्थल पर पहुँचने का निर्देश है।
कानूनी हंटर: सीसीए और बीएनएसएस के तहत होगी कार्रवाई
शरारती तत्वों और पुराने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस कड़े कानूनी प्रावधानों का उपयोग करेगी:
- निरोधात्मक कार्रवाई: धारा-126 और बीएनएसएस के तहत असामाजिक तत्वों के खिलाफ निष्पक्ष रूप से कार्रवाई की जाएगी।
- सख्त प्रावधान: आवश्यकता पड़ने पर सीसीए (CCA) की धारा-3 और बीएनएसएस की धारा-170 व 135 के तहत बॉन्ड भरवाया जाएगा।
- इंटेलिजेंस और सर्विलांस: सांप्रदायिक घटनाओं में संदिग्ध रहे व्यक्तियों के मोबाइल फोन सर्विलांस पर रहेंगे और जमीनी खुफिया जानकारी के लिए चौकीदारों की सक्रिय मदद ली जाएगी।
फोर्स का गणित: राज्यभर में जवानों की ‘फौज’
होली के दौरान विधि-व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है:
बल का प्रकार | संख्या/इकाई |
|---|---|
नवनियुक्त सिपाही | 19,000 |
बीसैप (BSAP) | 31 कंपनियां |
होमगार्ड | 5,100 |
रेंज रिजर्व बल | 12 कंपनियां |
केंद्रीय पुलिस फोर्स (CPF) | 3 कंपनियां |
प्रशिक्षु सिपाही (राजगीर) | 2,773 |
सबसे ज्यादा तैनाती: राजधानी पटना में सुरक्षा के सबसे कड़े इंतजाम हैं, जहाँ 3 कंपनियां रेंज रिजर्व, 3 कंपनियां बीसैप, 535 नवनियुक्त सिपाही और 400 होमगार्ड तैनात रहेंगे। इसके अलावा दरभंगा, बेगूसराय, जमुई, मुंगेर, रोहतास, बक्सर, गया और मोतिहारी में भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
विशेष चौकसी: उग्रवाद और नशाखुरानी गिरोह
- नशाखुरानी गिरोह: ट्रेनों में प्रवासी मजदूरों को नशा खिलाकर लूटने वाले गिरोहों पर जीआरपी और आरपीएफ के साथ मिलकर विशेष नजर रखी जाएगी।
- उग्रवाद प्रभावित जिले: नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस पिकेट, जेल, रेल प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- पुरानी दुश्मनी व भूमि विवाद: होली पर बाहर से घर लौटने वाले लोगों के बीच होने वाले पुराने विवादों और भूमि संबंधी झगड़ों की थाना स्तर पर सघन समीक्षा की जाएगी।
VOB का नजरिया: जश्न में खलल डालने वालों पर ‘कलरफुल’ नहीं, कानूनी कार्रवाई जरूरी
होली खुशियों का त्योहार है, लेकिन अक्सर शराब और हुड़दंग की आड़ में पुरानी दुश्मनी निकाली जाती है। बिहार पुलिस की यह मुस्तैदी, विशेष रूप से हर 2 घंटे में रिपोर्टिंग का नियम, निचले स्तर के अधिकारियों को जवाबदेह बनाएगा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ की अपील है कि त्योहार को भाईचारे के साथ मनाएं और कानून का पालन करें।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


