बिहार पंचायत चुनाव 2026 में ऐतिहासिक बदलाव! पहली बार सभी पदों पर EVM से होगा मतदान, 21 जून के बाद कभी भी हो सकता है चुनाव का ऐलान

पटना: बिहार में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग और प्रशासनिक विभाग चुनावी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में जुटे हुए हैं। इस बार पंचायत चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि पहली बार राज्य के सभी पंचायत पदों पर पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से मतदान कराया जाएगा।

इसके साथ ही बिहार उन चुनिंदा राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा, जहां पंचायत स्तर तक चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

15 जून तक दर्ज कर सकेंगे दावा-आपत्ति

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पंचायत चुनाव से पहले सीटों के आरक्षण, परिसीमन और मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का कार्य तेजी से चल रहा है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने आरक्षण और परिसीमन से संबंधित दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अवधि बढ़ाकर 15 जून 2026 तक कर दी है।

अब आम नागरिक, जनप्रतिनिधि और संबंधित पक्ष अपनी आपत्तियां और सुझाव संबंधित कार्यालयों में जमा कर सकते हैं। प्रशासन का कहना है कि प्राप्त सभी आपत्तियों की निष्पक्ष जांच के बाद आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

21 जून को जारी हो सकता है अंतिम गजट

निर्वाचन आयोग की ओर से 21 जून 2026 को पंचायत चुनाव से संबंधित अंतिम गजट प्रकाशित किए जाने की संभावना है। अंतिम गजट जारी होने के बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि गजट जारी होने के बाद चुनाव की तारीखों का ऐलान कभी भी किया जा सकता है।

पंचायत चुनाव में पहली बार पूरी तरह EVM का इस्तेमाल

इस बार पंच, सरपंच, वार्ड सदस्य, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य समेत सभी पदों के लिए ईवीएम का उपयोग किया जाएगा।

अब तक पंचायत चुनावों में मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाता रहा है, लेकिन मतगणना में देरी, तकनीकी विवाद और पारदर्शिता को लेकर उठते सवालों को देखते हुए आयोग ने ईवीएम से चुनाव कराने का फैसला लिया है।

अधिकारियों का मानना है कि ईवीएम के उपयोग से मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और परिणाम भी पहले की तुलना में काफी तेजी से घोषित किए जा सकेंगे।

EVM की आपूर्ति का इंतजार

हालांकि आयोग फिलहाल ईवीएम मशीनों की उपलब्धता का इंतजार कर रहा है। मशीनें उपलब्ध होने के बाद उनकी तकनीकी जांच, मॉक पोल और मतदान कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने संबंधित अधिकारियों को पहले से तैयारी रखने का निर्देश दिया है ताकि चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बदल सकते हैं कई मतदान केंद्र

पंचायत चुनाव को लेकर मतदान केंद्रों के पुनर्गठन का कार्य भी शुरू हो चुका है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव की तुलना में इस बार कई मतदान केंद्रों में बदलाव देखने को मिल सकता है।

बढ़ती आबादी, मतदाताओं की संख्या और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए नए बूथ बनाए जा रहे हैं। कई पुराने मतदान केंद्रों को स्थानांतरित करने की भी तैयारी चल रही है।

इसके अलावा संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की अलग पहचान कर वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाई जा रही है।

निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव पर फोकस

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पंचायत चुनाव को पूरी तरह निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए।

मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और मतदाताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

ग्रामीण लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व की तैयारी

पंचायत चुनाव को ग्रामीण लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। लाखों मतदाता अपने गांव की सरकार चुनने के लिए मतदान करेंगे।

ऐसे में आयोग की कोशिश है कि प्रत्येक मतदाता बिना किसी दबाव, भय या प्रलोभन के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

अब पूरे बिहार की निगाहें 21 जून को जारी होने वाले अंतिम गजट और उसके बाद घोषित होने वाली पंचायत चुनाव की तारीखों पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसी के साथ ग्रामीण राजनीति की सबसे बड़ी चुनावी लड़ाई का बिगुल बज जाएगा।

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