मालदा मंडल में ऐतिहासिक उपलब्धि: सांझा में पूर्व रेलवे की पहली सिंगल लाइन इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली कमीशन

मालदा: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, सुचारू और आधुनिक बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंडल रेल प्रबंधक श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में, 22 जनवरी 2026 को सांझा स्टेशन पर पूर्व रेलवे की पहली सिंगल लाइन इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग (IBS) प्रणाली को सफलतापूर्वक कमीशन किया गया। यह उपलब्धि भागलपुर–गोड्डा लूप के टिकानी–धौनी सेक्शन में लाइन क्षमता संवर्धन की दिशा में एक अहम मील का पत्थर मानी जा रही है।

इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली के लागू होने से टिकानी और धौनी के बीच स्थित लंबे ब्लॉक सेक्शन को अब दो छोटे ब्लॉक सेक्शनों में विभाजित कर दिया गया है। इससे ट्रेनों का परिचालन अधिक व्यवस्थित और कुशल हो गया है। इस नई व्यवस्था के माध्यम से ट्रेनों के बीच आवश्यक समय अंतर में उल्लेखनीय कमी आई है, जिससे लाइन क्षमता में वृद्धि हुई है और ट्रेनों की अनावश्यक प्रतीक्षा भी कम हुई है।

इस तकनीकी उन्नयन का सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। अब इस सेक्शन में ट्रेनों का समयपालन बेहतर होगा, ट्रेनों की उपलब्धता में सुधार होगा तथा दैनिक यात्रियों के साथ-साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अधिक सुविधा प्राप्त होगी।

नई IBS प्रणाली को अत्याधुनिक सिग्नलिंग एवं दूरसंचार उपकरणों से सुसज्जित किया गया है, जिससे सुरक्षा और विश्वसनीयता के स्तर में और अधिक वृद्धि हुई है। इस परियोजना में एम/एस फ्रॉशर द्वारा निर्मित डुअल मल्टी-सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (MSDAC) लगाया गया है, जो किसी भी मौसम या प्रतिकूल परिस्थिति में सटीक और विश्वसनीय ट्रेन डिटेक्शन सुनिश्चित करता है।

इसके अतिरिक्त, संचार व्यवस्था को फेल-सेफ और निर्बाध बनाए रखने के लिए डुअल यूनिवर्सल फेल-सेफ ब्लॉक इंटरफेस (UFSBI) मल्टीप्लेक्सर की व्यवस्था की गई है। वहीं, एकीकृत डेटा लॉगर के माध्यम से सिग्नलिंग से जुड़ी घटनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और तकनीकी विश्लेषण संभव हो पाया है, जिससे रखरखाव और संचालन दोनों में सुधार हुआ है।

इस परियोजना के तहत टिकानी–धौनी सेक्शन में पूर्व में प्रयुक्त डाइडो निर्मित टोकनलेस ब्लॉक इंस्ट्रूमेंट (TLBI) को हटाकर उसके स्थान पर आधुनिक SSBPAC (D) – सॉलिड स्टेट ब्लॉक प्रोविंग एक्सल काउंटर (डिजिटल) स्थापित किया गया है। इससे ब्लॉक वर्किंग प्रणाली पूरी तरह डिजिटल हो गई है, जो न केवल अधिक सुरक्षित है बल्कि रखरखाव की दृष्टि से भी अधिक सरल और किफायती है।

सांझा में पूर्व रेलवे की पहली सिंगल लाइन IBS प्रणाली का सफल कमीशनिंग मालदा मंडल की तकनीकी क्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह उपलब्धि सुरक्षा, परिचालन दक्षता और यात्री सुविधा में निरंतर सुधार के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने की दिशा में पूर्व रेलवे के संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रतिबिंबित करती है।

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