
पटना, 17 नवंबर 2025:
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद आरजेडी में मचे घमासान के बीच सोमवार को हुई विधायक दल की बैठक में बड़ा राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। बैठक की शुरुआत से अंत तक तेजस्वी यादव केन्द्र में रहे—पहले उन्होंने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए विधायक दल का नेता बनने से इंकार कर दिया, फिर लालू प्रसाद यादव और विधायकों के दबाव के बाद पद संभालने को तैयार हुए। इस दौरान संजय यादव की भूमिका पर उठे सवालों पर भी तेजस्वी ने खुलकर मोर्चा संभाला।
बैठक में बड़ा धमाका: तेजस्वी ने कहा—“मैं नेता नहीं बनूंगा”
सूत्रों के मुताबिक जैसे ही बैठक शुरू हुई, तेजस्वी यादव ने सभी को चौंकाते हुए कहा कि वे विधायक दल के नेता का पद नहीं लेना चाहते।
तेजस्वी ने कहा—
- “मैंने पूरी ईमानदारी से मेहनत की लेकिन सफलता नहीं मिली।”
- “हार की जिम्मेदारी मेरी है, संजय यादव या टीम का कोई सदस्य जिम्मेदार नहीं है।”
- “अब मैं सिर्फ एक विधायक की तरह काम करना चाहता हूं।”
तेजस्वी की इस घोषणा के बाद बैठक में सन्नाटा छा गया। कई विधायक आपस में खुसुर-फुसुर करने लगे।
लालू प्रसाद का दखल, विधायक भी तेजस्वी के समर्थन में
तेजस्वी के इंकार के तुरंत बाद बैठक में मौजूद लालू प्रसाद यादव ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने स्पष्ट कहा—
- “तेजस्वी ने पार्टी को मजबूत करने में जान लगा दी है, ऐसे में उनका पीछे हटना सही नहीं।”
लालू के बयान के बाद सभी विधायकों ने एक सुर में तेजस्वी यादव को नेता बनाए रखने की मांग कर दी।
कई विधायकों ने कहा कि—
- “आरजेडी की पहचान तेजस्वी हैं, पार्टी की कमान उनके हाथ में ही रहनी चाहिए।”
विधायकों और लालू यादव के समर्थन के बाद तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष के पद को स्वीकार करने पर सहमत हुए।
संजय यादव पर उठे आरोपों का तेजस्वी ने किया जोरदार बचाव
बैठक में तेजस्वी ने सबसे ज्यादा जोर संजय यादव पर लगे आरोपों के खंडन पर दिया।
तेजस्वी ने कहा—
- “संजय यादव को बेवजह टारगेट किया जा रहा है।”
- “हार के लिए वे जिम्मेदार नहीं हैं, उनकी मेहनत मैं जानता हूं।”
- “जब भी पार्टी में सुधार की कोशिश होती है, कुछ लोग विरोध करने लगते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी पार्टियों के इशारे पर संजय यादव और उनकी टीम के खिलाफ झूठा माहौल बनाया जा रहा है।
तेजस्वी ने टीम की तारीफ करते हुए साफ कर दिया कि संजय यादव आरजेडी के ‘चाणक्य’ के रूप में अपनी भूमिका में बने रहेंगे।
पार्टी अनुशासन पर भी तेजस्वी का सख्त संदेश
तेजस्वी यादव ने यह भी इशारा किया कि पार्टी में अनुशासन टूटने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा—
- “जगदानंद सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था तो तभी भी सवाल उठे, लेकिन उनकी नीयत पार्टी को आगे ले जाने की थी।”
- “जो लोग पार्टी को मजबूत देखना नहीं चाहते, वही अनावश्यक विवाद खड़ा करते हैं।”
RJD में उथल-पुथल जारी, लेकिन नेतृत्व पर साफ संदेश
बैठक के बाद साफ हो गया है कि—
- तेजस्वी यादव ही आरजेडी का चेहरा बने रहेंगे
- संजय यादव रणनीतिक सलाहकार की अहम भूमिका निभाते रहेंगे
- चुनावी हार के बाद भी लालू परिवार की एकजुटता बनी हुई है
हालांकि पार्टी के भीतर मतभेद और नाराज़गी की स्थिति अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा रही। आने वाले दिनों में आरजेडी नए सिरे से रणनीति तय करेगी।


