भागलपुर। बिहार में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 22 अगस्त से 26 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। भागलपुर, पटना, गया, नवादा, कैमूर, समस्तीपुर समेत 21 जिलों में अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। गंगा का जलस्तर पहले से ही खतरे के निशान के करीब है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
गुरुवार को कई जिलों में भारी बारिश
गुरुवार को कटिहार, सीवान और बक्सर में मूसलाधार बारिश हुई, जिससे कई इलाकों में जलजमाव हो गया। राजधानी पटना में बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। अब तक बिहार में 507.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य आंकड़ा 690.9 मिमी होना चाहिए था। यानी अब भी 27% बारिश कम है।
क्यों हो रही है बारिश?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी खींची जा रही है। साथ ही मानसून ट्रफ लाइन इस समय उत्तर प्रदेश और बिहार से होकर गुजर रही है। इसी वजह से लगातार चार से पांच दिन तक झमाझम बारिश होने की संभावना है।
पटना समेत कई जिलों में तीन दिन तक बारिश
पटना में अगले तीन दिनों तक रुक-रुककर बारिश होगी। इस दौरान अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है, जो सामान्य से 2-3 डिग्री कम होगा। बारिश से उमस में राहत तो मिलेगी, लेकिन निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति भी बन सकती है।
किसानों और आम जनता के लिए चेतावनी
- किसानों को सलाह दी गई है कि भारी बारिश के दौरान धान की रोपाई और खाद डालने का कार्य रोक दें।
- लोगों से अपील की गई है कि वे पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले स्थानों पर खड़े न हों।
- गया, नवादा, वैशाली, औरंगाबाद और लखीसराय जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी है।
- पटना, नालंदा, समस्तीपुर, मुंगेर, खगड़िया, रोहतास, जमुई और भागलपुर सहित कई जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है।


