ग्वालियर की ‘साइलेंट सुसाइड मिस्ट्री’: 25 दिन पहले गूंजी थीं शहनाइयां, अब दो घरों में पसरा मातम

मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया नवविवाहित जोड़े की मौत का मामला अब एक ऐसी रहस्यमयी पहेली बन चुका है, जिसने पुलिस से लेकर आम लोगों तक को हैरान कर दिया है। महज 25 दिन पहले जिन दो परिवारों में शादी की खुशियां थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। सात जन्मों तक साथ निभाने का वादा करने वाले दूल्हा-दुल्हन की जिंदगी सिर्फ पांच दिन के साथ के बाद खत्म हो गई।

पहले 23 वर्षीय मेघा उर्फ ज्योति ने अपने मायके में फंदा लगाकर जान दे दी और ठीक 48 घंटे बाद उसके पति सिद्धार्थ कांदिल ने भी कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। दोनों मौतों ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर शादी के उन शुरुआती पांच दिनों में ऐसा क्या हुआ, जिसने दोनों की जिंदगी को इस दर्दनाक मोड़ तक पहुंचा दिया।

25 अप्रैल: धूमधाम से हुई थी शादी

जानकारी के अनुसार ग्वालियर के हुरावली लिंक रोड निवासी गुरुवीर सिंह ने अपनी बेटी मेघा की शादी 25 अप्रैल 2026 को पिंटो पार्क निवासी सिद्धार्थ कांदिल से बड़े धूमधाम से की थी।

दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था। शादी समारोह में रिश्तेदारों और मेहमानों की भारी भीड़ जुटी थी। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह रिश्ता महज कुछ दिनों बाद इतनी दर्दनाक कहानी में बदल जाएगा।

सिद्धार्थ पेशे से ठेकेदारी का काम करता था, जबकि मेघा अपने परिवार की लाडली मानी जाती थी। शादी के बाद दोनों की तस्वीरें और खुशहाल माहौल देखकर परिवार बेहद खुश था।

सिर्फ पांच दिन ससुराल में रही मेघा

शादी के पांच दिन बाद पारंपरिक रस्मों के तहत मेघा अपने मायके लौट आई। परिवार वालों के मुताबिक उस दौरान वह सामान्य दिखाई दे रही थी।

बताया जा रहा है कि 1 मई से 20 मई तक मेघा अपने मायके में ही रही। इस दौरान उसने किसी बड़े तनाव या विवाद की खुलकर जानकारी परिवार को नहीं दी।

यही बात पुलिस के लिए सबसे बड़ी पहेली बनी हुई है। यदि शादी के बाद कोई गंभीर विवाद हुआ था, तो आखिर इतने दिनों तक सब सामान्य क्यों दिखाई देता रहा?

20 मई: मेघा की मौत से मचा हड़कंप

20 मई की दोपहर परिवार की जिंदगी अचानक बदल गई। जानकारी के मुताबिक उस समय मेघा के पिता किसी रिश्तेदार के यहां गए हुए थे।

घर में मौजूद मां जब पहली मंजिल के कमरे में पहुंचीं तो उन्होंने मेघा को फंदे से लटका देखा। यह दृश्य देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।

तुरंत उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

पत्नी की मौत के 48 घंटे बाद पति ने भी दी जान

मेघा की मौत के बाद सिद्धार्थ गहरे सदमे में बताया जा रहा था। परिवार के लोगों का कहना है कि वह लगातार गुमसुम रहने लगा था।

22 मई की सुबह जब परिवार वालों ने उसे कमरे में नहीं देखा तो तलाश शुरू हुई। बाद में बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला।

दरवाजा तोड़ने पर सिद्धार्थ मृत अवस्था में मिला। पुलिस के अनुसार उसने कथित तौर पर उसी साफे का इस्तेमाल किया, जो शादी के दौरान दूल्हे के रूप में पहना था।

यह खबर सामने आते ही दोनों परिवार पूरी तरह टूट गए।

28 दिनों में उजड़ गई दो जिंदगियां

जिस घर में कुछ दिन पहले शादी की शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। दोनों परिवारों के लोग अब भी इस सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहे।

मेघा के हाथों की मेहंदी पूरी तरह फीकी भी नहीं पड़ी थी कि उसकी जिंदगी खत्म हो गई। वहीं सिद्धार्थ की मौत ने इस कहानी को और ज्यादा रहस्यमयी बना दिया।

स्थानीय लोग भी इस पूरे घटनाक्रम को समझ नहीं पा रहे हैं। आसपास रहने वालों का कहना है कि दोनों सामान्य और खुश दिखाई देते थे।

दोनों परिवारों की चुप्पी बढ़ा रही रहस्य

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात दोनों परिवारों का रवैया माना जा रहा है। आमतौर पर ऐसे मामलों में आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते हैं, लेकिन यहां दोनों परिवारों ने लगभग चुप्पी साध रखी है।

सूत्रों के अनुसार सिद्धार्थ के परिवार वाले शुरुआत में पोस्टमार्टम कराने के पक्ष में भी नहीं थे। वहीं मेघा के मायके वालों ने भी मीडिया और जांच एजेंसियों से दूरी बना ली है।

यही वजह है कि पुलिस को मामले की गहराई तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि दोनों के बीच कोई गंभीर विवाद था, तो वह आखिर क्या था?

मेघा शादी के बाद केवल पांच दिन ही ससुराल में रही। उसके बाद लगभग 20 दिन मायके में सामान्य जिंदगी जीती रही। फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसने यह कदम उठा लिया?

इसके अलावा दोनों में से किसी ने भी कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा। यही वजह है कि मामला और ज्यादा रहस्यमयी बन गया है।

मोबाइल फोन से खुल सकते हैं राज

सीएसपी अतुल सोनी के अनुसार पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं।

पुलिस डिलीटेड चैट, कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया एक्टिविटी और आखिरी बातचीत की जांच कर रही है। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से मोबाइल डेटा रिकवर करने की कोशिश जारी है।

अधिकारियों का मानना है कि दोनों के फोन इस पूरे रहस्य से पर्दा उठा सकते हैं।

दोनों घटनास्थल किए गए सील

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों घटनास्थलों को सील कर दिया है। फोरेंसिक टीम भी जांच में जुटी हुई है।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मामला किसी पुराने रिश्ते, मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद या किसी और वजह से जुड़ा है।

पूरे ग्वालियर में चर्चा का विषय बना मामला

यह मामला अब पूरे ग्वालियर में चर्चा का विषय बन चुका है। लोग सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर अलग-अलग सवाल उठा रहे हैं।

कुछ लोग इसे मानसिक तनाव से जोड़ रहे हैं तो कुछ इसे रिश्तों के दबाव का परिणाम मान रहे हैं। हालांकि फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है।

अब सभी की नजर फोरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल डेटा और पुलिस जांच पर टिकी हुई है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस “साइलेंट सुसाइड मिस्ट्री” से जुड़े कई अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।

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