
भागलपुर: टीएमबीयू (तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय) के 70 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति रद्द और निलंबन का मामला अब राजभवन पहुंच गया है। बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री एवं गोपालपुर विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ बुलो मंडल ने गुरुवार को बिहार के राज्यपाल-सह-कुलाधिपति से मुलाकात कर प्रभावित शिक्षकों की बहाली और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
ऊर्जा मंत्री ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह केवल 70 शिक्षकों की नौकरी का मामला नहीं, बल्कि उनके परिवारों की आजीविका और विश्वविद्यालय के हजारों छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है। उन्होंने आग्रह किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए और योग्य शिक्षकों को न्याय दिलाया जाए।
एक माह से धरने पर बैठे हैं अतिथि शिक्षक
टीएमबीयू के अतिथि शिक्षक पिछले एक महीने से विश्वविद्यालय परिसर में नियुक्ति रद्द किए जाने के विरोध में धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने निर्धारित सेवाकाल पूरा किया, फिर भी उनकी नियुक्ति समाप्त कर दी गई।
मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक संकट
धरनारत शिक्षकों का आरोप है कि सेवाकाल के दौरान भी उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण कई शिक्षक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
राज्यपाल से निष्पक्ष जांच की मांग
ऊर्जा मंत्री ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि नियुक्ति प्रक्रिया, शैक्षणिक योग्यता और शिक्षण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और प्रभावित शिक्षकों को न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों ने करीब 11 महीने तक सेवाएं दीं और सेवा का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। ऐसे में अचानक नियुक्ति रद्द करना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इससे छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले पर सवाल
मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा लिया गया निर्णय कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजभवन स्तर पर हस्तक्षेप होने से मामले का न्यायसंगत समाधान निकलेगा और योग्य शिक्षकों के हितों की रक्षा होगी।


