पटना में शिकायत निवारण तंत्र की समीक्षा, डॉ. बी. राजेन्दर ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

पटना में बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन के तहत लोक शिकायत निवारण तंत्र को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता मिशन निदेशक डॉ. बी. राजेन्दर ने की, जिसमें राज्य के विभिन्न विभागों के लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, आईटी प्रबंधक, एनआईसी एवं डीटीपीएल के प्रतिनिधि सहित कई अधिकारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम, लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम और डिजिटल व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करना तथा इसे और मजबूत बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श करना था।

बैठक की शुरुआत मिशन निदेशक के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो और सभी मामलों का समय सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत निवारण तंत्र तभी सफल होगा, जब आम नागरिक को बिना किसी बाधा के न्याय मिल सके।

इस दौरान 12 जुलाई 2025 को आयोजित पिछली समीक्षा बैठक के निर्णयों और उनके अनुपालन की स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कई मामलों में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी कुछ क्षेत्रों में कार्य गति बढ़ाने की आवश्यकता है। लंबित मामलों और उनके निस्तारण की प्रक्रिया पर विशेष चर्चा की गई।

बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन की समीक्षा के दौरान पाया गया कि शिकायतों के निष्पादन में सुधार हुआ है, लेकिन पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करने की जरूरत है। मिशन निदेशक ने निर्देश दिया कि शिकायतकर्ताओं को हर स्तर पर जानकारी उपलब्ध कराई जाए और प्रक्रिया को अधिक सरल बनाया जाए।

लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत सेवा वितरण को और प्रभावी बनाने के लिए भी कई सुझाव सामने आए। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाओं की पहुंच बढ़ी है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी अभी भी चुनौती बनी हुई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आम लोगों को इन सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं।

बैठक में एनआईसी द्वारा ServicePlus पोर्टल की नई व्यवस्था पर प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें दस्तावेजों के ऑनलाइन अपलोड को आसान बनाने पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने इस प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।

इसके अलावा डीटीपीएल द्वारा विकसित उस व्यवस्था पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत बिहार सदन, नई दिल्ली से BRPGRA के माध्यम से शिकायतों को प्राप्त कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की जा रही है। यह सुविधा राज्य से बाहर रह रहे नागरिकों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।

बैठक में मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रणाली से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता आई है। मिशन निदेशक ने निर्देश दिया कि इसे सभी विभागों में पूरी तरह लागू किया जाए।

दिनभर चली इस बैठक के अंतिम चरण में प्रतिभागियों से फीडबैक लिया गया और उनके सुझावों के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने तकनीकी सुधार, प्रशिक्षण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।

बैठक के समापन पर डॉ. बी. राजेन्दर ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य एक ऐसा प्रशासनिक तंत्र विकसित करना है, जो आम नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप हो और उन्हें त्वरित, पारदर्शी एवं भरोसेमंद सेवाएं प्रदान करे। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ करें।

यह समीक्षा बैठक बिहार में प्रशासनिक सुधार और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे शिकायत निवारण और सेवा वितरण प्रणाली में व्यापक सुधार की उम्मीद है।

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