गया हादसे पर CM सम्राट चौधरी ने जताया गहरा शोक, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख मुआवजा

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गया जिले के एक ही परिवार के 6 लोगों की दर्दनाक सड़क दुर्घटना में हुई मौत पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। यह हादसा झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण क्षेत्र स्थित दनुआ घाटी में हुआ, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे बेहद पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।

मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि एक ही परिवार के इतने लोगों की एक साथ मौत होना अत्यंत दुखद है और यह घटना न केवल संबंधित परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए गहरा आघात है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति दें।

बताया जा रहा है कि यह हादसा उस समय हुआ जब परिवार के सभी सदस्य किसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए यात्रा कर रहे थे। दनुआ घाटी जैसे खतरनाक और घुमावदार रास्ते पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे मौके पर ही छह लोगों की जान चली गई। इस हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और बचाव कार्य में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस दुखद घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत देने का निर्देश भी दिया है। उन्होंने सभी मृतकों के आश्रितों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि यह सहायता राशि जल्द से जल्द पीड़ित परिवारों तक पहुंचाई जाए, ताकि उन्हें इस कठिन समय में कुछ आर्थिक सहारा मिल सके।

उन्होंने संबंधित जिला प्रशासन को भी निर्देश दिया है कि वे पीड़ित परिवारों के संपर्क में रहें और उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराएं। साथ ही, दुर्घटना के कारणों की जांच कर आवश्यक कदम उठाने को भी कहा गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रशासन की ओर से परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और विशेष रूप से पहाड़ी एवं घाटी क्षेत्रों में सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे क्षेत्रों में ड्राइविंग के दौरान अतिरिक्त सतर्कता, वाहन की गति पर नियंत्रण और सड़क संकेतों का पालन बेहद जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि राज्य के नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए हर स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने पर भी जोर दिया।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। एक साथ छह लोगों की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है और गांव में मातम पसरा हुआ है।

इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि जीवन कितना अनिश्चित है और सुरक्षा के प्रति लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित आर्थिक सहायता और प्रशासनिक सक्रियता निश्चित रूप से पीड़ित परिवार के लिए राहत का काम करेगी, लेकिन इस अपूरणीय क्षति की भरपाई संभव नहीं है।

राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में त्वरित सहायता और संवेदनशील रवैया अपनाना उसकी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का यह कदम न केवल मानवीय संवेदना को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकार हर संकट की घड़ी में अपने नागरिकों के साथ खड़ी है।

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