
पटना: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नए सरकारी आवास को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार गहराता जा रहा है। राजधानी पटना स्थित 39 हार्डिंग रोड आवास में रंग-रोगन का काम जारी है। पहले बंगले से भगवा रंग हटाया गया, फिर उसे सफेद रंग से रंगा गया और अब पूरे परिसर में हरे रंग की पेंटिंग की जा रही है।
भगवा रंग को लेकर जताई थी आपत्ति
सूत्रों के अनुसार, राबड़ी देवी ने 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने से पहले नए आवास को लेकर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि 39 हार्डिंग रोड स्थित आवास की दीवारों और गेट पर भगवा रंग होने के कारण वह वहां शिफ्ट नहीं होंगी।
बताया जा रहा है कि उन्होंने सरकार से आवास में बदलाव की मांग की थी और स्पष्ट किया था कि उनकी सहमति के अनुसार बदलाव होने के बाद ही वह नए आवास में प्रवेश करेंगी।
पहले सफेद, अब हरे रंग में बदला बंगला
विवाद सामने आने के बाद नगर विकास विभाग ने आवास के रंग-रोगन का कार्य शुरू कराया। सबसे पहले बंगले की दीवारों और मुख्य गेट से भगवा रंग हटाकर सफेद रंग किया गया। अब उसी आवास को हरे रंग से रंगा जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में हरे रंग को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रतीकात्मक रंग से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसके बाद इस पूरे मामले पर नई बहस छिड़ गई है।
सरकारी आवास बना राजनीतिक मुद्दा
39 हार्डिंग रोड स्थित आवास को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेताओं के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी भी तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकारी आवास के रंग को लेकर पैदा हुआ विवाद आगामी चुनावी माहौल में भी चर्चा का विषय बन सकता है।
नगर विकास विभाग ने शुरू किया बदलाव
राबड़ी देवी की आपत्तियों के बाद नगर विकास विभाग ने आवास को उनके अनुरूप तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की। विभाग की ओर से रंग-रोगन समेत अन्य आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द आवास को रहने योग्य बनाया जा सके।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर अब यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या सरकारी संसाधनों का उपयोग किसी राजनीतिक पसंद या प्रतीकात्मक रंग के आधार पर किया जाना उचित है।
सियासी बहस जारी
बंगले के रंग बदलने को लेकर बिहार की राजनीति में चर्चाओं का दौर जारी है। एक ओर समर्थक इसे पूर्व मुख्यमंत्री की सुविधा से जोड़कर देख रहे हैं, तो दूसरी ओर विरोधी दल इसे राजनीतिक प्रतीकों से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राबड़ी देवी आखिर कब नए सरकारी आवास में शिफ्ट होती हैं और इस मुद्दे पर आगे क्या राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती है।


