बिहार के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी: अब पढ़ाई के साथ मिलेगी नौकरी की ट्रेनिंग और स्टाइपेंड, विश्वविद्यालयों में लागू होगा नया डिग्री प्रोग्राम

पटना: बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब राज्य के छात्र-छात्राओं को स्नातक की पढ़ाई के साथ उद्योगों, बैंकों और कॉर्पोरेट संस्थानों में काम सीखने का अवसर मिलेगा। इतना ही नहीं, प्रशिक्षण के दौरान उन्हें स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद राज्य के विश्वविद्यालयों में चार वर्षीय अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (AEDP) लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।

यह नई व्यवस्था National Education Policy 2020 के अनुरूप तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्रीधारी नहीं बल्कि रोजगार के लिए तैयार पेशेवर बनाना है।

पढ़ाई के साथ कमाई का भी मिलेगा मौका

नई व्यवस्था के तहत छात्र स्नातक की पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों और संस्थानों की कार्यप्रणाली को समझ सकेंगे। इससे डिग्री पूरी करने के बाद अनुभव की कमी के कारण नौकरी पाने में आने वाली कठिनाइयों को काफी हद तक दूर करने की उम्मीद है।

अब छात्रों को अलग से प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता नहीं होगी, क्योंकि पढ़ाई और व्यावहारिक प्रशिक्षण एक साथ चलेंगे।

चार प्रमुख विश्वविद्यालयों में होगी शुरुआत

शैक्षणिक सत्र 2026-30 से इस कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। पहले चरण में बिहार के चार प्रमुख विश्वविद्यालयों में इसे लागू किया जाएगा:

  • Patna University
  • Patliputra University
  • Tilka Manjhi Bhagalpur University
  • Babasaheb Bhimrao Ambedkar Bihar University

इन विश्वविद्यालयों में रोजगारपरक और उद्योग आधारित नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।

तीसरे वर्ष में करनी होगी अनिवार्य अप्रेंटिसशिप

इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि छात्रों को तीसरे वर्ष में एक वर्ष की अनिवार्य अप्रेंटिसशिप करनी होगी।

प्रशिक्षण के लिए छात्रों को:

  • उद्योगों
  • बैंकों
  • कॉर्पोरेट संस्थानों
  • पंजीकृत संगठनों

में भेजा जाएगा।

इस प्रशिक्षण को पाठ्यक्रम का हिस्सा माना जाएगा और इसके लिए अकादमिक क्रेडिट भी दिए जाएंगे।

मिलेगी ऑनर्स और रिसर्च आधारित डिग्री

नई व्यवस्था के तहत:

  • निर्धारित शर्तें पूरी करने पर स्नातक डिग्री मिलेगी।
  • चार वर्ष का पूरा कार्यक्रम पूरा करने पर ऑनर्स डिग्री प्राप्त होगी।
  • योग्य छात्र रिसर्च आधारित ऑनर्स डिग्री भी हासिल कर सकेंगे।

इससे उच्च शिक्षा और रोजगार दोनों क्षेत्रों में छात्रों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

इन रोजगारपरक पाठ्यक्रमों की होगी शुरुआत

पहले चरण में कई आधुनिक और रोजगारोन्मुखी विषय शुरू किए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:

  • बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं
  • बीमा
  • खुदरा प्रबंधन (Retail Management)
  • ई-कॉमर्स संचालन
  • डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स
  • स्वास्थ्य सेवा प्रबंधन
  • मानव संसाधन प्रबंधन (HR)
  • मीडिया एवं संचार
  • रचनात्मक लेखन (Creative Writing)

नामांकन के लिए क्या होगी पात्रता?

  • इंटरमीडिएट या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण विद्यार्थी आवेदन कर सकेंगे।
  • अलग-अलग पाठ्यक्रमों के लिए विषयगत योग्यता निर्धारित होगी।
  • प्रवेश मेरिट सूची और आरक्षण नियमों के आधार पर होगा।

प्रशिक्षण के दौरान मिलेगा स्टाइपेंड

नई व्यवस्था का सबसे आकर्षक पहलू यह है कि छात्रों को प्रशिक्षण के दौरान स्टाइपेंड भी मिलेगा।

इससे:

  • आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
  • पढ़ाई के दौरान आय का स्रोत उपलब्ध होगा।
  • छात्रों को कार्यस्थल का वास्तविक अनुभव प्राप्त होगा।

विशेषज्ञों ने बताया रोजगार की दिशा में बड़ा कदम

शिक्षा विशेषज्ञ B N Prasad का मानना है कि यह पहल बिहार की उच्च शिक्षा को रोजगार आधारित मॉडल की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

उनके अनुसार, विश्वविद्यालयों से निकलने वाले युवाओं के पास अक्सर डिग्री तो होती है लेकिन उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप व्यावहारिक अनुभव नहीं होता। यह कार्यक्रम उस अंतर को कम करने में मदद करेगा।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि छात्रों को समय पर इंटर्नशिप, स्टाइपेंड और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

क्या बदलेगा इस नई व्यवस्था से?

✔ पढ़ाई के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण
✔ उद्योगों से सीधा जुड़ाव
✔ स्टाइपेंड की सुविधा
✔ रोजगार योग्य कौशल का विकास
✔ डिग्री के साथ कार्य अनुभव
✔ नौकरी मिलने की संभावना में वृद्धि

निष्कर्ष

बिहार में शुरू होने जा रहा अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम उच्च शिक्षा को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह छात्रों को केवल डिग्री नहीं बल्कि रोजगार, कौशल और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव भी प्रदान कर सकता है।

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