बिहार में ग्रामीण सड़कों और पुलों से बदल रही गांवों की तस्वीर

नाबार्ड के सहयोग से 2025 ग्रामीण सड़कों में 1859 सड़कों का निर्माण पूरा, 910 पुल भी बनकर तैयार

पटना, 28 अगस्त।बिहार में ग्रामीण इलाकों तक विकास की रोशनी पहुँचाने का काम अब तेजी पकड़ चुका है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से राज्य के विभिन्न जिलों में ग्रामीण सड़कों और पुलों का निर्माण कार्य लगभग अंतिम चरण में है। इससे न केवल गांवों से शहरों की दूरी घटी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार मिली है।

ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा गुरुवार को जारी प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में स्वीकृत 2025 सड़कों में से 1859 सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन सड़कों की कुल लंबाई 5254.490 किलोमीटर है, जिसमें से 4822.474 किलोमीटर पर अब वाहन फर्राटा भर रहे हैं। इसी तरह 1235 स्वीकृत पुलों में से 910 पुल तैयार हो चुके हैं, जबकि शेष 325 पुलों का निर्माण कार्य जारी है।

नालंदा, गया और पटना ने किया शानदार प्रदर्शन

रिपोर्ट के मुताबिक, नालंदा जिला ग्रामीण सड़कों के निर्माण में सबसे आगे है। यहाँ 214 सड़कों में से 199 का निर्माण पूरा हो चुका है और 67 स्वीकृत पुलों में से 59 बनकर तैयार हैं।
गया जिले में 129 सड़कों की स्वीकृति दी गई थी, जिनमें से 120 का निर्माण पूरा हो गया है। वहीं, 57 पुलों में से 46 का निर्माण संपन्न हो चुका है।
राजधानी पटना में 167 सड़कों में से 157 तैयार हो गई हैं, जबकि 54 पुलों में से 46 पुल बन चुके हैं।

अन्य जिलों में भी काम तेज

औरंगाबाद, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, मुंगेर, रोहतास, जहानाबाद, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, जमुई, मधुबनी, समस्तीपुर, गोपालगंज, किशनगंज और नवादा जैसे जिलों में भी ग्रामीण सड़क और पुल निर्माण का काम लगभग पूरा हो गया है।

इन सड़कों और पुलों के निर्माण ने न केवल गांवों को शहरों से जोड़ा है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को भी ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त किया है।


 

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