TRE-3 शिक्षकों की ‘घर वापसी’ पर सरकार का संकेत, अप्रैल 2026 के बाद शुरू होगी नियमित ट्रांसफर प्रक्रिया

बिहार में Bihar Public Service Commission (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 के तहत नियुक्त हजारों शिक्षकों के लिए ‘घर वापसी’ की उम्मीद अभी खत्म नहीं हुई है। हालांकि इसके लिए उन्हें अप्रैल 2026 तक इंतजार करना होगा। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन में स्पष्ट किया कि अंतरजिला और पारस्परिक स्थानांतरण की नियमित प्रक्रिया नई नियमावली लागू होने के बाद ही शुरू की जाएगी।

दूरदराज में तैनाती से बढ़ी परेशानी

TRE-3 के जरिए नियुक्त कई शिक्षक अपने गृह जिले से 100 से 500 किलोमीटर दूर पदस्थापित हैं। इनमें बड़ी संख्या महिला शिक्षिकाओं और दिव्यांग शिक्षकों की है। दूरस्थ जिलों में तैनाती के कारण पारिवारिक, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियां सामने आ रही हैं। कई शिक्षक छोटे बच्चों और बुजुर्ग परिजनों से दूर रह रहे हैं, वहीं लंबी दूरी की आवाजाही से अतिरिक्त खर्च भी बढ़ा है।

नई नियमावली के बाद ही होगी प्रक्रिया

सदन में चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री ने माना कि शिक्षकों की समस्याएं सरकार के संज्ञान में हैं। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण और पदस्थापन को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए विस्तृत नियमावली तैयार की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अप्रैल 2026 तक इस नियमावली को अंतिम रूप देकर लागू किया जाए। इसके बाद ही नियमित अंतरजिला ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू होगी।

अंतरिम राहत के लिए उठाए गए कदम

शिक्षा विभाग ने इससे पहले भी कुछ अस्थायी कदम उठाए थे।

  • पत्रांक 2048 (22 नवंबर 2024) के तहत विशेष परिस्थितियों में स्थानांतरण के लिए आवेदन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए।
  • पत्रांक 46/गो० (26 जून 2025) के जरिए पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल ट्रांसफर) की व्यवस्था लागू की गई, जिसमें दो शिक्षक आपसी सहमति से सीमित दायरे में स्थान बदल सकते हैं।

हालांकि ये कदम सभी प्रभावित शिक्षकों के लिए पर्याप्त समाधान साबित नहीं हुए।

प्राथमिकता आधारित नीति की तैयारी

सरकार व्यापक और स्थायी समाधान के लिए ठोस नीति बनाने पर काम कर रही है। नई नियमावली में रिक्तियों का निर्धारण, सेवा अवधि, महिला और दिव्यांग शिक्षकों के लिए विशेष प्रावधान तथा प्राथमिकता के आधार जैसे बिंदु शामिल किए जाने की संभावना है। विभाग का मानना है कि स्पष्ट नियमों के बिना बड़े पैमाने पर स्थानांतरण से प्रशासनिक असंतुलन हो सकता है।

अप्रैल 2026 पर टिकी निगाहें

TRE-3 शिक्षकों के बीच लंबे समय से गृह जिले में पोस्टिंग की मांग उठती रही है। मंत्री के बयान के बाद उम्मीद जगी है कि अप्रैल 2026 के बाद नियमित प्रक्रिया शुरू होते ही हजारों शिक्षकों को राहत मिल सकती है। फिलहाल शिक्षकों को कुछ महीनों का इंतजार करना होगा, लेकिन सरकार के आश्वासन से यह संकेत मिला है कि उनका ‘वनवास’ स्थायी नहीं रहेगा।

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