पटना। पटना के चर्चित उद्योगपति गोपाल खेमका का आज गुलबी घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनकी बेटी गरिमा खेमका आज स्कॉटलैंड से पटना पहुंचीं। जैसे ही वे अपने आवास में दाखिल हुईं, पिता के पार्थिव शरीर को देखकर फूट-फूटकर रोने लगीं। परिवार और पूरे समाज के लिए यह क्षण अत्यंत भावुक और मर्मांतक रहा।
गरिमा के पहुंचने के बाद शुरू हुई अंतिम संस्कार की प्रक्रिया
बीते दो दिनों से पूरा परिवार गरिमा के आने का इंतजार कर रहा था। उनके पहुंचते ही अंतिम संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई है। बड़ी संख्या में परिजन, व्यापारी समुदाय के लोग, कर्मचारी, और पटना के विभिन्न इलाकों से श्रद्धांजलि देने आए लोग जुटने लगे हैं।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या?
शुक्रवार की रात गांधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक स्थित आवास के गेट पर गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जानकारी के मुताबिक, वे जैसे ही घर पहुंचे और गेट खोलने के लिए गार्ड पहुंचा, उससे पहले ही घात लगाए बदमाश ने उन्हें सिर में गोली मार दी। गोली लगने के बाद परिवार के सदस्य उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
बेऊर जेल में छापेमारी, SIT जांच जारी
हत्या की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। शनिवार को बेऊर जेल में छापेमारी कर कई कुख्यात कैदियों से पूछताछ की गई। पुलिस को संदेह है कि गैंगस्टर अजय वर्मा की इस घटना में भूमिका हो सकती है।
पुलिस का दावा है कि कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी। हालांकि, गांधी मैदान थाने से चंद मीटर दूर इस तरह की वारदात के बावजूद अपराधियों का बेखौफ होकर फरार हो जाना पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विपक्ष का हमला: राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने घेरा
इस घटना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जहां कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने X (पूर्व Twitter) पर लिखा:
“पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की सरेआम गोली मारकर हत्या ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भाजपा और नीतीश कुमार ने मिलकर बिहार को भारत की क्राइम कैपिटल बना दिया है। आज बिहार लूट, गोली और हत्या के साए में जी रहा है। अपराध यहां नया नॉर्मल बन चुका है और सरकार पूरी तरह नाकाम।”
राज्य में व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता गहराती जा रही है। प्रशासन के लिए यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था की परीक्षा बन गया है।


